जून में मेहरबान प्री-मानसून…14 जिलों में 100% से ज्यादा बारिश:नीमच में अब तक ढाई, भोपाल में 2 इंच हुई; आज 16 जिलों में गिरेगा पानी

जून में मेहरबान प्री-मानसून…14 जिलों में 100% से ज्यादा बारिश:नीमच में अब तक ढाई, भोपाल में 2 इंच हुई; आज 16 जिलों में गिरेगा पानी

मध्य प्रदेश में इस बार मानसून कमजोर रहने के संकेत हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भोपाल, इंदौर-जबलपुर समेत 47 जिलों में सामान्य से कम यानी, 90 से 95% तक बारिश होने का अनुमान जताया है। फिलहाल प्रदेश में मानसून की एंट्री नहीं हुई है, लेकिन प्री-मानसून जमकर बरस रहा है।1 से 9 जून तक प्रदेश में औसत आधा इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। 14 जिले ऐसे हैं, जहां पर 100% से 672% तक बारिश हो चुकी है। इनमें भोपाल, निवाड़ी, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, अलीराजपुर, अशोकनगर, देवास, हरदा, मुरैना, राजगढ़, सीहोर और शाजापुर शामिल हैं। प्रतिशत के हिसाब से देखें तो निवाड़ी में 1.9 मिमी बारिश की तुलना में 14.7 मिमी बारिश हो चुकी है, जो 672% है। प्री-मानसून में ही इतनी हो चुकी बारिश खजुराहो में पारा रिकॉर्ड 46 डिग्री, 26 शहरों में 40 डिग्री के पार
आंधी-बारिश के बीच मंगलवार को प्रदेश में गर्मी के तीखे तेवर देखने को मिले। छतरपुर के खजुराहो में पारा रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यहां 8 साल में दूसरी बार तापमान इतना पहुंचा। वहीं, प्रदेश के 26 शहरों में पारा 40 डिग्री के पार रहा। मौसम विभाग के अनुसार, खजुराहो के बाद दतिया में 44 डिग्री, राजगढ़, रीवा-टीकमगढ़ में 43 डिग्री, नौगांव में 42.8 डिग्री, सतना में 42.5 डिग्री, गुना-मंडला में 42.2 डिग्री, श्योपुर में 41.4 डिग्री, उमरिया में 41.3 डिग्री, मलाजखंड-रायसेन में 41.2 डिग्री, शाजापुर में 41.1 डिग्री और खरगोन-दमोह में 41 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 42.8 डिग्री दर्ज किया गया। बाकी, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा। इन जिलों में आज बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में बारिश का अलर्ट है। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गर्मी का असर रह सकता है। 12 जून को लू नहीं, ओले गिरने का अलर्ट
IMD (मौसम केंद्र) भोपाल ने पहले 10 और 11 जून को प्रदेश के 5 जिले भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हीटवेव (लू) का अलर्ट जारी किया था, लेकिन मंगलवार को जारी हुए ताजा फोरकास्ट में लू ही जगह ओले गिरने का अलर्ट है। मौसम विभाग की माने तो 12 जून को मुरैना, भिंड, टीकमगढ़ और छतरपुर में ओले गिर सकते हैं। वहीं, प्रदेश के अधिकांश हिस्से में तेज आंधी के साथ बारिश होगी। पिछले 10 साल में मानसून की एंट्री और विदाई… भोपाल में हर साल नौतपा में बारिश
भोपाल में 14 साल में 7 बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज हुई, जबकि 2 बार बूंदाबांदी हुई। इस बार शुरुआत में ही बूंदाबांदी हो गई। 2018 और 2019 में सबसे ज्यादा तपिश रही, जब औसत तापमान 43 से ऊपर पहुंचा था। यहां भी लगातार 9 दिन तक मौसम बदला रहा। हालांकि, इसके बाद भी बारिश और आंधी का दौर जारी है। मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम जून में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड भोपाल में 15 जून तक तेज गर्मी
राजधानी में जून महीने में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 जून से पहले तेज गर्मी का असर दिखा है। 3 साल तो तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। वहीं, रात का टेम्प्रेचर 17.4 डिग्री तक आ गया। साल 2020 में सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश हुई थी। वहीं, पिछले साल 2024 में पूरे महीने 10.9 इंच पानी गिरा था। 10 साल में दूसरी बार इतनी बारिश हुई थी। 24 घंटे में करीब 5 इंच पानी बरसा था। इंदौर में पिछले साल हुई थी 4 इंच बारिश
जून में इंदौर में दिन के टेम्प्रेचर में खासी गिरावट होती है। पिछले 7 साल यानी- 2020, 2021, 2022, 2023, 2024 और 2025 में जून में कम गर्मी पड़ी। पारा 39.6 से 41.6 डिग्री के बीच रहा है। पिछले साल तापमान 41.6 डिग्री तक पहुंचा था। इस महीने कोटे की 20 प्रतिशत तक बारिश हो जाती है। पिछले साल साढ़े 5 इंच पानी गिरा था। बारिश के ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1980 में यहां जून महीने में 17 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 23 जून 2003 को बना था। 3 जून 1991 में इंदौर में दिन का पारा 45.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। वहीं, 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। ग्वालियर में 47 डिग्री पार हो चुका टेम्परेचर
ग्वालियर में मई के बाद जून में भी तेज गर्मी रहती है। 10 साल के आंकड़ों की बात करें तो साल 2019 में अधिकतम तापमान 47.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। वहीं, 2024 में पारा 45.7 डिग्री और 2025 में 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस महीने अमूमन तापमान 45 से 46 डिग्री ही रहता है। मौसम विभाग के अनुसार, 11 जून 2019 को पारा 47.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं, 1952 में पूरे महीने साढ़े 28 इंच बारिश हो गई थी। एक दिन में सर्वाधिक साढ़े 7 इंच बारिश का रिकॉर्ड 27 जून 1952 को बना था। साल 2025 में यहां पूरे महीने 10 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। जबलपुर में 10 साल अच्छी बारिश
मानसून की एंट्री के साथ ही जबलपुर में अच्छी बारिश होती है। यहीं से मानसून की एंट्री होती है, इसलिए अन्य जिलों की तुलना में जबलपुर में अच्छा पानी गिरता है। साल 2016 से 2025 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो कोटे की 30% तक बारिश जून में ही हुई। पिछले साल साढ़े 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार भी जबलपुर संभाग के दक्षिण हिस्से से ही मानसून एंटर हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, जबलपुर में 1998 में एक महीने में करीब 30 इंच बारिश दर्ज की गई थी। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 16 जून 1882 को 24 घंटे में साढ़े 7 इंच बारिश हुई थी। उज्जैन में भी अच्छी बारिश का ट्रेंड
जून महीने में उज्जैन में भी अच्छी बारिश होने का ट्रेंड है। 2016 से 2025 के बीच उज्जैन में 2.5 से 8 इंच तक बारिश हो चुकी है। उज्जैन में बारिश के ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1970 में पूरे महीने साढ़े 13 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 15 जून 2001 को बना था। इस दिन करीब साढ़े 6 इंच बारिश हुई थी। साल 2025 में पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी।

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