Kerala High Court का निर्देश: अदालतों और आयोगों को समय पर जरूरी बुनियादी ढांचा दे राज्य सरकार

Kerala High Court का निर्देश: अदालतों और आयोगों को समय पर जरूरी बुनियादी ढांचा दे राज्य सरकार

कोच्चि, नौ अक्टूबर केरल उच्च न्यायालय ने कहा है कि राज्य सरकार को अदालतों, अधिकरणों और आयोगों के सुचारू कामकाज के लिए उन्हें सभी जरूरी बुनियादी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और न्यायमूर्ति श्याम कुमार वी एम की पीठ ने यह टिप्पणी करते हुए राज्य सरकार को सभी जिलों में उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों में नए पद सृजित करने के लिए वित्त विभाग को सभी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। अदालत ने सात अक्टूबर के अपने आदेश में कहा कि जानकारियां तीन सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराई जाए।

पीठ ने कहा कि इन आयोगों को बुनियादी सुविधाओं की गंभीर कमी का सामना करना पड़ रहा है और कर्मचारियों एवं बुनियादी ढांचे की कमी के कारण उनके द्वारा जारी आदेशों पर अमल नहीं हो पा रहा है। पीठ ने कहा कि कर्मचारियों की कमी से आयोगों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है, इसलिए इस मुद्दे को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अदालत ने कहा, ‘‘राज्य सरकार की यह जिम्मेदारी है कि अदालतों, अधिकरणों, आयोगों आदि के सुचारू कामकाज के लिए सभी जरूरी बुनियादी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।’’
यह निर्देश और टिप्पणी सरकार की ओर से अदालत को यह बताए जाने के बाद आई कि ‘राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग और जिला आयोगों के आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण’ योजना के लिए एक करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी पांच अक्टूबर 2026 को जारी की गई थी।

सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि उपभोक्ता आयोगों में 229 नए पद सृजित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है और इस पर सरकार के स्तर पर विचार किया जा रहा है। अदालत ने निर्देश दिया, ‘‘वित्त विभाग को नए पदों के सृजन के संबंध में अंतिम निर्णय लेने में सक्षम बनाने के लिए उसके द्वारा मांगी गई सभी जानकारी आज से तीन सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराई जाए।’’
यह निर्देश वकील जे. सूर्या की ओर से दायर जनहित याचिका पर आया। याचिका में कर्मचारियों की कमी का सामना कर रहे उपभोक्ता आयोगों में जल्द नियुक्तियां करने का अनुरोध किया गया था।

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