द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की उपमहासचिव कनिमोई ने तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय पर निशाना साधा। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार की प्रतिबद्धता पर भी सवाल उठाए। कनिमोई ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर ‘‘पूरी तरह से निष्क्रिय’’ रहने का आरोप लगाया।
उन्होंने सेंजी और रानीपेट में बच्चों के लापता होने से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार इन बच्चों को खोजने या न्याय दिलाने के लिए उचित कदम उठाने में ‘‘विफल’’ रही है। कनिमोई ने मदुरंतकम में एक महिला की हत्या और थूथुकुडी में एक परिवार पर हुए जानलेवा हमले जैसी कई घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण मिलने से आपराधिक तत्वों के हौसले बुलंद हो गए हैं। द्रमुक नेता ने चेन्नई में संवाददाताओं से कहा, ‘‘उन्होंने (टीवीके सरकार) ‘थाईमामन सीर’ (मामा का उपहार) नाम की एक योजना की घोषणा की है।
लेकिन मामा खुद कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। उन्हें हमारी रक्षा करनी चाहिए-वे कहां चले गए? … आज तमिलनाडु के हालात यही हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘सत्ताधारी दल के पदाधिकारी सीधे तौर पर आपराधिक गतिविधियों और यौन हिंसा में शामिल हैं।
वे इस भरोसे के साथ बेखौफ होकर ऐसा करते हैं कि उन्हें सत्ताधारी दल का संरक्षण हासिल है।’’
कनिमोई ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर विजय की ओर से पहले किए गए दावों का जिक्र करते हुए पूछा, ‘‘यह एक (कल्याणकारी) राज्य है या कोई जंगल (जहां कोई कानून न हो)?’’
उन्होंने सरकार से अपनी जिम्मेदारियों को समझने, जनता-खासकर बच्चों-की सुरक्षा सुनिश्चित करने और विवेकपूर्ण तरीके से काम करने का आह्वान किया।

