फिल्म इंडस्ट्री में काम के घंटों (वर्किंग आवर्स) को लेकर चल रही बहस के बीच एक्ट्रेस कंगना रनोट ने दीपिका पादुकोण का समर्थन किया है। हाल ही में खबरें आई थीं कि दीपिका पादुकोण ने अपनी शर्तों और फिक्स्ड वर्किंग शेड्यूल के कारण कुछ बड़े बजट के प्रोजेक्ट्स छोड़ दिए हैं। दीपिका की मांग है कि वे दिन में केवल 8 घंटे ही काम करेंगी। अब इस मामले पर कंगना ने दीपिका का पक्ष लेते हुए कहा है कि उनका कहना बिल्कुल सही है और उन्होंने यह मुकाम मेहनत से कमाया है। कंगना बोलीं- अब दीपिका रिप्लेसेबल नहीं हैं
ANI को दिए एक इंटरव्यू में कंगना रनोट ने कहा कि समय के साथ प्राथमिकताएं बदल जाती हैं। कंगना ने कहा मुझे नहीं लगता कि इस बात पर कोई विवाद होना चाहिए। दीपिका आज जिस मुकाम पर हैं, वह उन्होंने अपनी मेहनत से हासिल किया है। वे अब एक मां हैं, उनकी एक बेटी है। अगर आज वे 8 घंटे काम करना चाहती हैं, तो उन्होंने यह हक कमाया है। कंगना ने साफ किया कि जब कोई नया कलाकार होता है, तो उसे रिप्लेस (बदला) किया जा सकता है, लेकिन दीपिका जैसी स्टार के लिए मेकर्स को उनके समय के हिसाब से तालमेल बिठाना चाहिए। पुराने दिनों में 12-14 घंटे करती थीं काम
कंगना ने अपने और दीपिका के शुरुआती संघर्ष के दिनों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि करियर के शुरुआती दौर में वे दोनों ही सफलता के लिए काफी जुनूनी थीं। कंगना ने कहा, एक वक्त था जब हम 12 से 14 घंटे की शिफ्ट से कम पर राजी नहीं होते थे। दीपिका ने एक बार मुझसे इम्तियाज अली की फिल्म के दौरान कहा था कि वे 12 घंटे काम कर रही हैं। मैंने तब कहा था कि मैं 10 घंटे काम करती हूं। तब हमारे अंदर एक भूख थी, हम कामयाब होना चाहते थे। महिलाओं पर काम के दबाव पर जताई चिंता
वर्क-लाइफ बैलेंस पर बात करते हुए कंगना ने कहा कि आज के समय में महिलाओं पर बहुत ज्यादा दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने कहा, हम अपनी महिलाओं पर बच्चों के साथ-साथ दोगुना काम करने का बोझ डाल रहे हैं। फिर हम गिरती फर्टिलिटी रेट और टूटती शादियों की बात करते हैं। अगर दीपिका जैसी टॉप एक्ट्रेस अपने परिवार और काम के बीच तालमेल बिठाने के लिए समय मांग रही हैं, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म छोड़ने की थी चर्चा
बता दें कि पिछले साल ऐसी खबरें आई थीं कि दीपिका पादुकोण ने डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म ‘स्पिरिट’ छोड़ दी है। इसका मुख्य कारण काम करने की शर्तें और 8 घंटे की शिफ्ट की मांग को बताया गया था। इसके बाद से ही सोशल मीडिया और फिल्म गलियारों में इस बात पर बहस छिड़ गई थी कि क्या एक्टर्स को शिफ्ट के घंटे तय करने चाहिए।


