कांची कामकोटि पीठाधिपति शंकराचार्य मंडन धाम पहुंचे:सहरसा में 30 अप्रैल को करेंगे शंकर आई सेंटर का लोकार्पण, प्रशासन अलर्ट

कांची कामकोटि पीठाधिपति शंकराचार्य मंडन धाम पहुंचे:सहरसा में 30 अप्रैल को करेंगे शंकर आई सेंटर का लोकार्पण, प्रशासन अलर्ट

सहरसा के महिषी मंडन मिश्र धाम में बुधवार को कांची कामकोटि पीठ के पीठाधिपति शंकराचार्य शंकर विजयेंद्र सरस्वती और सत्य चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती का आगमन हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शंकराचार्य ने सिद्ध पीठ उग्रतारा मंदिर में पूजा-अर्चना की और मंडन धाम परिसर में आयोजित चंडी हवन यज्ञ में आहुति दी। यह पहली बार था जब कांचीपुरम, तमिलनाडु स्थित कांची कामकोटि पीठ के पीठाधिपति इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल पर पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस क्षेत्र के बारे में वर्षों से जानकारी थी, लेकिन आज यहां आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने मंडन धाम को विद्या, साधना, संस्कृति और पर्यटन के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल बताया। शंकराचार्य ने जानकारी दी कि कांची कामकोटि पीठ देशभर में “विद्या, वैद्य और वेद” के तहत सेवा कार्य कर रहा है। उत्तर प्रदेश के कानपुर और वाराणसी सहित कई शहरों में संस्था द्वारा अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बिहार में एक बड़े अस्पताल के निर्माण की योजना है, जिसके लिए पूर्व में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जमीन की मांग की गई थी और पटना में भूमि पूजन भी हो चुका है। शंकराचार्य गुरुवार, 30 अप्रैल को सहरसा के पटुआहा स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में “शंकर आई सेंटर” (शंकर नेत्रालय) का लोकार्पण करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। शंकराचार्य दरभंगा एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सड़क मार्ग से सहरसा आए। उन्होंने अपने पिछले दौरों का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें बिहार, उत्तर प्रदेश और नेपाल के कई धार्मिक स्थलों पर पहले भी जाने का अवसर मिला है। उनके आगमन पर मंडन धाम में हजारों श्रद्धालु उपस्थित थे। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखा। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके, इसके लिए विभिन्न स्थानों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सहरसा के महिषी मंडन मिश्र धाम में बुधवार को कांची कामकोटि पीठ के पीठाधिपति शंकराचार्य शंकर विजयेंद्र सरस्वती और सत्य चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती का आगमन हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शंकराचार्य ने सिद्ध पीठ उग्रतारा मंदिर में पूजा-अर्चना की और मंडन धाम परिसर में आयोजित चंडी हवन यज्ञ में आहुति दी। यह पहली बार था जब कांचीपुरम, तमिलनाडु स्थित कांची कामकोटि पीठ के पीठाधिपति इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल पर पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस क्षेत्र के बारे में वर्षों से जानकारी थी, लेकिन आज यहां आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने मंडन धाम को विद्या, साधना, संस्कृति और पर्यटन के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल बताया। शंकराचार्य ने जानकारी दी कि कांची कामकोटि पीठ देशभर में “विद्या, वैद्य और वेद” के तहत सेवा कार्य कर रहा है। उत्तर प्रदेश के कानपुर और वाराणसी सहित कई शहरों में संस्था द्वारा अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बिहार में एक बड़े अस्पताल के निर्माण की योजना है, जिसके लिए पूर्व में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जमीन की मांग की गई थी और पटना में भूमि पूजन भी हो चुका है। शंकराचार्य गुरुवार, 30 अप्रैल को सहरसा के पटुआहा स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में “शंकर आई सेंटर” (शंकर नेत्रालय) का लोकार्पण करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। शंकराचार्य दरभंगा एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सड़क मार्ग से सहरसा आए। उन्होंने अपने पिछले दौरों का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें बिहार, उत्तर प्रदेश और नेपाल के कई धार्मिक स्थलों पर पहले भी जाने का अवसर मिला है। उनके आगमन पर मंडन धाम में हजारों श्रद्धालु उपस्थित थे। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखा। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके, इसके लिए विभिन्न स्थानों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गई थी।  

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