Kamal Haasan on NEET exam: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी 2026’ को लेकर चल रहा विवाद अब एक बड़े संकट में बदल गया है। पेपर लीक के गंभीर आरोपों और हर तरफ से बढ़ते दबाव के बीच, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने आखिरकार 3 मई को आयोजित हुई इस परीक्षा को रद्द करने का कड़ा फैसला लिया है। सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी है। लेकिन इस फैसले ने उन लाखों छात्रों को तोड़कर रख दिया है, जिन्होंने सालों तक इस एक दिन के लिए तैयारी की थी। इसी पेपर लीक पर एक्टर कमल हासन ने अपना गुस्सा उतारा है।
कमल हासन का फूटा गुस्सा (Kamal Haasan on NEET paper leak)
इस पूरे घटनाक्रम पर दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और राजनेता कमल हासन ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस फैसले को छात्रों के साथ ‘क्रूर मजाक’ करार दिया है। कमल हासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, “नीट प्रवेश परीक्षा के लिए दिन-रात एक करने वाले 22 लाख छात्रों की मेहनत और उनके सुनहरे सपने कुछ आपराधिक साजिशों की भेंट चढ़ गए हैं। यह बेहद दुखद है कि माफियाओं की मिलीभगत से छात्रों का भविष्य चकनाचूर हो रहा है।”

उन्होंने आगे सवाल उठाते हुए कहा कि इन लाखों बच्चों और उनके परिवारों को जो मानसिक पीड़ा और तनाव झेलना पड़ रहा है, उसकी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? उन्होंने मांग की कि भारतीय छात्रों को इस अन्यायपूर्ण व्यवस्था और परीक्षा माफियाओं के चंगुल से जल्द से जल्द बचाया जाना चाहिए।
नए सिरे से होगी परीक्षा (NEET students protest NSUI)
एनटीए ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखने के लिए यह कड़ा कदम उठाना जरूरी था। अब यह परीक्षा नए सिरे से आयोजित की जाएगी, जिसकी तारीखों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा। हालांकि, इस विफलता ने देश की परीक्षा प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
‘फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन’ (एफएआईएमए) ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जयदीप कुमार चौधरी ने कहा कि इस तरह की बार-बार होने वाली गड़बड़ियां यह दिखाती हैं कि हमारी प्रणाली में कितनी गहरी खामियां हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग की है।
सड़कों पर उतरे छात्र (Kamal Haasan tweet on NEET)
परीक्षा रद्द होने की खबर मिलते ही देशभर के छात्रों में हताशा और गुस्सा फैल गया। राजधानी दिल्ली में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं और आम छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां लिए छात्र ‘एनटीए’ के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। छात्रों का कहना है कि एक गलती की सजा उन लाखों निर्दोष बच्चों को मिल रही है, जिन्होंने ईमानदारी से परीक्षा दी थी।
बता दें कि इस साल करीब 23 लाख छात्रों ने इस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसे देश-विदेश के 565 शहरों में आयोजित किया गया था। अब इन सभी छात्रों को फिर से वही तनाव और तैयारी के दौर से गुजरना होगा, जो किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।


