Joshimath के पास निजी Helicopter क्रैश, 5 श्रद्धालुओं और पायलट समेत छह की मौत

Joshimath के पास निजी Helicopter क्रैश, 5 श्रद्धालुओं और पायलट समेत छह की मौत

उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ से छह लोगों को लेकर देहरादून लौट रहे एक निजी कंपनी के हेलीकॉप्टर के जोशीमठ के पास दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार पायलट और कर्नाटक के सभी पांच श्रद्धालुओं की मौत हो गयी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। चमोली के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के हेलीकॉप्टर में सवार सभी लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर ने बदरीनाथ से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड के लिए अपराह्न लगभग 13:12 बजे उड़ान भरी लेकिन उसके बाद दो मिनट से भी कम समय में जोशीमठ के पास हाथी पर्वतीय क्षेत्र में इससे संपर्क टूट गया। उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर के लापता होने की जानकारी सेना की चौकी से मिली। पंवार ने बताया कि सूचना मिलते ही प्रशासन द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए पांडुकेश्वर एवं ज्योतिर्मठ से पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और सेना की संयुक्त टीमें तलाश एवं बचाव अभियान के लिए रवाना की गयीं।

इसके अतिरिक्त जिला मुख्यालय गोपेश्वर से ड्रोन टीमों को भी तलाशी अभियान के लिए भेजा गया। उन्होंने बताया कि सभी टीमें घटनास्थल पर अभियान में जुटी हैं और सभी शवों को दुर्गम घटनास्थल से सड़क मार्ग तक लाने का काम जारी है। मृतकों की पहचान दिल्ली के पायलट कैप्टन हिमांशु (48) व कर्नाटक के प्रताप (41), अरुण सालुंके (44), वी. बी. शंकर गौड़ा (39), सुधीर. के (50) तथा एच. एस. नटराजा (51) के रूप में हुई है।

उनके संबंध में और जानकारी जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पंवार ने बताया कि हादसे के बाद से सभी टीम समन्वय स्थापित कर
लगातार अभियान चला रही हैं। इससे पहले, उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया था कि एहतियातन ट्रांस भारत कंपनी के हेलीकॉप्टरों के पूरे बेड़े को उड़ान भरने से रोक दिया गया है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, जोशीमठ के निकट चाईं गांव में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की दुर्भाग्यपूर्ण सूचना प्राप्त हुई है। जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, एसडीआरएफ द्वारा संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। स्वयं भी पूरे घटनाक्रम की निरंतर निगरानी कर रहा हूं।

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