Jhunjhunu Crime News : नवलगढ़. लोहार्गल धाम के बरखंडी मंदिर के संत सुरजादास महाराज की मौत के मामले में पुलिस ने शनिवार को खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार संत की मौत सामान्य घटना नहीं, बल्कि चढ़ावे की रकम लूटने की नीयत से की गई हत्या थी। मामले में पुलिस ने सुरेश कुमार (44 वर्ष) पुत्र ग्यारसीलाल निवासी झाझम की ढाणी, तन पहाड़िला, गोठड़ा को गिरफ्तार किया है। गोठड़ा थाने में दर्ज प्रकरण की जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों और संदेह के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार पूछताछ और अनुसंधान में संत को पहाड़ से खाई में धकेलने की बात सामने आई है।
पुलिस उपाधीक्षक बताई पूरी स्टोरी
पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि आरोपी सुरेश कुमार 23 सितंबर को बरखंडी पर्वत स्थित मंदिर पहुंचा था। शाम को अन्य श्रद्धालु पहाड़ से नीचे उतर गए, लेकिन आरोपी रात में मंदिर में ही रुका। 24 सितंबर की सुबह वह नीचे आया। इसके बाद 25 सितंबर को आरोपी दोबारा बरखंडी मंदिर पहुंचा और रात में वहीं रुक गया। उस रात मंदिर में संत सुरजादास महाराज और आरोपी सुरेश कुमार ही मौजूद थे। 26 सितंबर की सुबह आरोपी ने संत को मंदिर परिसर में बने बाथरूम में बंद कर दिया। इसके बाद लोहार्गल मेले में आए चढ़ावे की रकम निकालकर अपने कब्जे में कर ली। इसी दौरान संत किसी तरह बाथरूम से बाहर आ गए और चढ़ावे की रकम ले जाने का विरोध किया।
पुलिस के अनुसार इसी बात को लेकर आरोपी ने संत को जान से मारने की नीयत से पहाड़ से नीचे खाई में धकेल दिया। पत्थरों पर गिरने से संत की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी पहाड़ से नीचे उतरकर मौके से फरार हो गया।

400 फीट गहरी खाई से मिला था शव
गोल्याणा निवासी शंकरलाल गुर्जर पुत्र पेपाराम गुर्जर ने गोठड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार सिंगोद कलां निवासी संत सुरजादास महाराज (80 वर्ष) बीते करीब 32 वर्षों से बरखंडी पर्वत स्थित मंदिर में पूजा-पाठ कर रहे थे। 26 सितंबर की शाम से संत के अचानक लापता होने के बाद 27 सितंबर की सुबह मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं को वे वहां नहीं मिले। पुलिस ने मामला दर्ज कर नवलगढ़ वृताधिकारी सुगन सिंह के सुपरविजन और गोठड़ा थानाधिकारी प्रेमप्रकाश के नेतृत्व में जांच शुरू की। तलाश के दौरान 28 सितंबर को संत का शव बरखंडी पर्वत के पास करीब 400 फीट गहरी खाई से रेस्क्यू किया गया।
सात दिन में खुलासे के आश्वासन पर खत्म हुआ था धरना
संत की मौत के बाद 28 सितंबर को लोहार्गल और गोल्याणा चौराहे पर बड़ी संख्या में साधु-संतों और ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया था। मौके पर पहुंचे एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत, एएसपी फूलचंद मीणा और नवलगढ़ एसडीएम प्रांजल कंवर ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर मामले का सात दिन में खुलासा करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद धरना समाप्त हुआ था। पुलिस का कहना है कि मामले में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और अनुसंधान जारी है। हत्या और चढ़ावे की रकम से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।

