जवाहर नगर थाना पुलिस ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए एक 8 वर्षीय बालक को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया। गुरुवार देर रात चित्रकूट पार्क सेक्टर-2 में अकेला बैठे मिले मासूम को पुलिस ने पूरी रात तलाश और काउंसलिंग के बाद शुक्रवार को परिजनों के सुपुर्द किया। जानकारी के अनुसार गुरुवार रात करीब 12:30 बजे चित्रकूट पार्क सेक्टर-2 में एक बालक के अकेले बैठे होने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना पर जवाहर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को सुरक्षित थाने लेकर आई। पूछताछ में बच्चे ने खुद को आमागढ़ निवासी बताया, लेकिन यह भी कहा कि उसके माता-पिता नहीं हैं। बच्चे की बातों में विरोधाभास नजर आने पर पुलिस ने अलग-अलग स्तर पर जांच शुरू की। थाना स्पेशल टीम के शंकर शर्मा ने बच्चे द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर आमागढ़ क्षेत्र में लगातार खोजबीन की। कई घंटों की मेहनत के बाद शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस को बच्चे के घर और उसकी मां का पता चल गया। इसके बाद थाना प्रभारी सरला टीम के साथ आमागढ़ पहुंचीं और परिजनों को थाने बुलाया गया। हालांकि मां के सामने आने पर भी बच्चा उसके साथ जाने को तैयार नहीं हुआ। पुलिस ने धैर्यपूर्वक बच्चे से बातचीत और काउंसलिंग की तो सामने आया कि उसके घर में एक व्यक्ति अनाधिकृत रूप से रह रहा था, जिससे वह डरता था। इसी भय के कारण वह घर छोड़कर चला आया था। पुलिस ने संबंधित व्यक्ति को शांति भंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद बच्चे को सुरक्षा और संरक्षण का भरोसा दिलाया गया। काफी समझाइश के बाद वह अपनी मां के साथ घर जाने के लिए तैयार हो गया। आवश्यक कार्रवाई के बाद पुलिस ने बच्चे को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस के अनुसार बच्चे के पिता दिव्यांग हैं। पूरे मामले में थाना स्पेशल टीम के शंकर शर्मा की विशेष भूमिका रही, जिनकी सतर्कता और लगातार प्रयासों से मासूम को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सका।


