जयपुर। करणी विहार इलाके में धावास रोड पर सांगानेर खुली जेल के कैदी गंगासहाय कुमावत की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता आयुष गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है। मोती डूंगरी निवासी आयुष वारदात से पहले ही नेपाल भाग गया था। करीब 12 दिन तक मोबाइल बंद कर फरारी काटने के बाद शुक्रवार को जयपुर स्थित घर लौटते ही पुलिस ने उसे दबोच लिया।
डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि हत्या की पूरी साजिश आयुष ने रची थी। उसने अपने परिचितों और दोस्तों को हत्या के लिए तैयार किया और वारदात के बाद खुद नेपाल चला गया। पुलिस को उसके जयपुर लौटने की सूचना पहले ही मिल गई थी। इसके बाद टीम ने उसके घर के आसपास निगरानी बढ़ा दी और घर पहुंचते ही उसे गिरफ्तार कर लिया।
हिस्ट्रीशीटर से ली तीन पिस्टल
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आयुष ने हत्या के लिए अपनी बुआ के बेटे और कोतवाली थाने के हिस्ट्रीशीटर कन्हैयालाल गुर्जर से तीन पिस्टल ली थीं। इसके बाद उसने झारखंड निवासी दोस्त सोनू रजक और मोती डूंगरी निवासी अमित राणा को दोस्ती का वास्ता देकर हत्या के लिए तैयार किया। दोनों शूटरों ने ही धावास रोड पर गंगासहाय को गोली मारी थी।
पिता की हत्या का बदला लेने की साजिश
पुलिस जांच के अनुसार गंगासहाय कुमावत ने वर्ष 2018 में आयुष के पिता महेंद्र गुर्जर की हत्या की थी। इसी पुरानी रंजिश और बदले की भावना में आयुष ने गंगासहाय की हत्या की साजिश रची। उसने पहले उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई और फिर हथियारों की व्यवस्था कर अपने साथियों को वारदात के लिए तैयार किया।
तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार
गौरतलब है कि घटना के बाद पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर कन्हैयालाल गुर्जर, शूटर सोनू रजक और अमित राणा को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में आयुष का नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। पुलिस को उसकी लोकेशन नेपाल में मिलने के बाद से वह लगातार मोबाइल बंद रखे हुए था।
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खुली जेल में सजा काट रहा था गंगासहाय
गंगासहाय कुमावत वर्ष 2018 में महेंद्र गुर्जर की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। अच्छे आचरण के चलते मई 2025 में उसे सांगानेर खुली जेल में शिफ्ट किया गया था। वह दिन में अपने घर आता-जाता और शाम को बाइक से वापस खुली जेल लौटता था। इसी दौरान धावास रोड पर बाइक से जाते समय बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया था।
पुलिस के अनुसार अब आयुष से हत्या की साजिश में शामिल अन्य लोगों, हथियारों की सप्लाई और वारदात से जुड़ी अन्य कड़ियों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि तीनों पिस्टल उसे कहां से मिलीं और हत्या के लिए कितनी रकम तय हुई थी।


