बस्तर के संवेदनशील माड़ क्षेत्र में आईटीबीपी की 41वीं वाहिनी और नारायणपुर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर दो नक्सली स्मारकों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई गुरुवार 4 जून को ग्राम उसेबेड़ा और कस्तूरमेटा-2 में की गई। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी सुरक्षा बलों का सहयोग किया। जेसीबी मशीन की सहायता से सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए स्मारकों को शांतिपूर्वक हटाया गया। इस कार्रवाई को क्षेत्र में शांति, विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती का प्रतीक माना जा रहा है। ग्रामीणों ने इस कार्रवाई का खुलकर स्वागत किया। उनका कहना था कि माड़ क्षेत्र के लोग अब बंदूक और हिंसा की संस्कृति के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं। स्थानीय नागरिकों ने सुरक्षा बलों और प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। दरअसल, ये स्मारक लंबे समय से नक्सली विचारधारा और हिंसात्मक गतिविधियों के प्रतीक माने जाते थे। इनके ध्वस्तीकरण को क्षेत्र में नक्सली प्रभाव के कमजोर पड़ने और लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है। यह स्पष्ट संदेश भी सामने आया है कि माड़ की जनता अब विकास और शांति के साथ आगे बढ़ना चाहती है। 41वीं वाहिनी आईटीबीपी और नारायणपुर पुलिस का यह अभियान केवल प्रतीकों को हटाने तक सीमित नहीं है। यह विश्वास, जनसहभागिता और विकास की उस नई चेतना का परिचायक है, जो आज माड़ के गांवों में आकार ले रही है।


