ISRO YUVIKA 2026: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रतिष्ठित युवा विज्ञानी कार्यक्रम (युविका-2026) के लिए कोरबा जिले के पीएमश्री एकलव्य आवासीय आदर्श विद्यालय, छुरी के छात्र सार्थक कंवर का चयन हुआ है। छत्तीसगढ़ से कुल 14 छात्रों का चयन इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के लिए किया गया है, जिसमें सार्थक कोरबा जिले से एकमात्र विद्यार्थी है। सार्थक फिलहाल दसवीं कक्षा का छात्र है और उसने नौवीं कक्षा में रहते हुए इस कार्यक्रम की तैयारी की थी।
ISRO YUVIKA 2026: एकलव्य के सार्थक इसरो के युविका में
युविका इसरो का एक विशेष कार्यक्रम है, जिसके तहत देशभर से 350 होनहार छात्रों का चयन किया जाता है। चयनित छात्रों को इसरो में दो सप्ताह का गहन प्रशिक्षण दिया जाता है, जहां वे रॉकेट साइंस के बुनियादी नियम सीखेंगे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का पूरा खर्च इसरो द्वारा वहन किया जाता है, जिसमें छात्रों के आने-जाने, रहने और प्रशिक्षण की सभी जिम्मेदारियां शामिल हैं।
छात्र सार्थक का चयन पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय
इस अवसर पर पीएमश्री एकलव्य आवासीय विद्यालय छुरी के प्राचार्य असद अहमद ने बताया कि विद्यालय के छात्र सार्थक का चयन पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि युविका कार्यक्रम में देशभर के बच्चों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा होती है, जिसमें ऑनलाइन परीक्षा के साथ-साथ पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के आधार पर समग्र मेरिट सूची तैयार की जाती है। हमारे विद्यालय से 10 छात्रों ने आवेदन किया था, जिसमें से सार्थक अकेला चयनित हुआ है।
इस प्रशिक्षण से छात्र का सर्वांगीण विकास होगा। अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी में रुचि रखने वाले नौवीं कक्षा के छात्र सार्थक को इसरो के प्रतिष्ठित ‘युविका-2026’ के लिए चुना गया है। यह दो सप्ताह का ग्रीष्मकालीन शिविर 11 से 22 मई तक आयोजित होगा, जिसमें सार्थक को इसरो में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
सार्थक ने नौवीं कक्षा में ही इस कार्यक्रम की तैयारी शुरू कर दी थी
सार्थक ने बताया कि उसने नौवीं कक्षा में ही इस कार्यक्रम की तैयारी शुरू कर दी थी, जिसकी जानकारी उसे शिक्षकों से मिली थी। कड़ी मेहनत और ऑनलाइन परीक्षा के बाद उसका चयन हुआ है। सार्थक ने खुशी जताते हुए कहा कि उसे नई चीजें सीखने का अवसर मिलेगा, जिसमें रॉकेट साइंस के बुनियादी नियम और रॉकेट लॉन्च को करीब से देखना शामिल है।
चयन के ये जरूरी
युविका कार्यक्रम को इसरो द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक से जोड़ना है। इस कार्यक्रम के लिए चयन मुख्य रूप से कक्षा आठवीं के शैक्षणिक अंकों (50 प्रतिशत), ऑनलाइन क्विज प्रदर्शन (10 प्रतिशत), ग्रामीण क्षेत्र की पृष्ठभूमि (15प्रतिशत) और पाठ्येतर गतिविधियों के आधार पर किया जाता है।


