बार-बार प्यास लगना सिर्फ गर्मी है या डायबिटीज का संकेत? फिजिशियन ने बताया Polydipsia का कारण

बार-बार प्यास लगना सिर्फ गर्मी है या डायबिटीज का संकेत? फिजिशियन ने बताया Polydipsia का कारण

Polydipsia Symptoms: गर्मियों के दिनों में गला सूखना और बार-बार प्यास लगना बहुत ही स्वाभाविक बात है। लेकिन क्या आपके साथ भी ऐसा हो रहा है कि बार-बार पानी पीने के बाद भी आपकी प्यास नहीं बुझ रही है और थोड़ी-थोड़ी देर में आपका मुंह बिल्कुल सूख जाता है?

अगर ऐसा है, तो इसे सिर्फ मौसम का असर समझकर नजरअंदाज करने की गलती न करें। चिकित्सा की भाषा में इस स्थिति को पॉलीडिप्सिया (Polydipsia) कहते हैं। एक सरकारी अस्पताल में फिजिशियन, डॉक्टर बाबूलाल वर्मा ने बताया कि जरूरत से ज्यादा प्यास लगना और बार-बार मुंह सूखना डायबिटीज (Sugar) का शुरुआती लक्षण भी हो सकता है।

बार-बार मुंह सूखने का क्या कारण है?

डॉक्टर वर्मा के अनुसार, जब हमारा शरीर सामान्य से अधिक पानी की मांग करता है, तो उसके पीछे कई कारण हो सकते हैं-

1. शुगर का लेवल बढ़ना- जब शरीर में इंसुलिन की कमी होती है, तो खून में ग्लूकोज (शुगर) की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। इस एक्स्ट्रा शुगर को शरीर से बाहर निकालने के लिए हमारी किडनियां ज्यादा काम करने लगती हैं, जिससे बार-बार पेशाब आता है और इसी वजह से शरीर में पानी की कमी होने पर बार-बार भयंकर प्यास लगती है।

2. पॉलीडिप्सिया (Polydipsia)- यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें मरीज को हर समय बहुत ज्यादा प्यास लगती रहती है। यह डायबिटीज मेलिटस या डायबिटीज इंसिपिडस जैसी बीमारियों का शुरुआती संकेत होता है।

3. डिहाइड्रेशन और ज्यादा नमक खाना- गर्मियों में पर्याप्त पानी न पीना, बहुत ज्यादा पसीना बहना या फिर खाने में नमक और मसालों का ज्यादा इस्तेमाल करने से भी मुंह बार-बार सूखने लगता है।

4. दवाइयों का असर- कुछ बीमारियों जैसे हाई बीपी या एलर्जी में दी जाने वाली कुछ खास दवाइयों के साइड इफेक्ट की वजह से भी लार (Saliva) कम बनती है और मुंह सूखा-सूखा महसूस होता है।

बार-बार प्यास लगना किस बीमारी का संकेत हो सकता है?

  • टाइप 1 या टाइप 2 डायबिटीज।
  • एनीमिया (शरीर में खून की कमी)।
  • एंग्जायटी या मानसिक तनाव।

बार-बार प्यास लगने पर क्या करें?

1. सादे पानी के साथ लें हेल्दी लिक्विड्स- सिर्फ सादा पानी पीने के बजाय नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी या ओआरएस (ORS) का घोल शामिल करें। इससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस बना रहता है।

2. फास्टिंग और पीपी शुगर टेस्ट कराएं- अगर प्यास लगने का कारण समझ नहीं आ रहा है, तो किसी नजदीकी सरकारी अस्पताल या डॉक्टर के पास जाकर अपनी खाली पेट और खाना खाने के बाद की ब्लड शुगर जांच जरूर करवाएं।

3. चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स से दूरी बनाएं- गर्मियों में लोग प्यास बुझाने के लिए ठंडी कोल्ड ड्रिंक्स या बार-बार चाय-कॉफी पीते हैं। इनमें मौजूद कैफीन और एक्स्ट्रा शुगर शरीर से पानी को और तेजी से बाहर निकालते हैं, जिससे प्यास और ज्यादा बढ़ती है।

4. हरी सब्जियां और रसीले फल खाएं- अपने खाने में खीरा, ककड़ी, तरबूज और खरबूजा जैसी चीजों को शामिल करें, जिनमें पानी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। यह शरीर को लंबे समय तक हाइड्रेटेड रखते हैं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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