ईरान ने ट्रंप के दावे को झुठलाया, नहीं सौंपेगा अपना यूरेनियम

ईरान ने ट्रंप के दावे को झुठलाया, नहीं सौंपेगा अपना यूरेनियम

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच 8 अप्रैल को लागू हुआ सीज़फायर 21 अप्रैल को खत्म हो जाएगा। ऐसे में स्थायी समझौते के लिए दोनों पक्ष कोशिश कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति-वार्ता का पहला दौर असफल रहा था, लेकिन अब सोमवार को एक बार फिर बातचीत होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने उम्मीद जताई है कि ईरान से जल्द ही समझौता हो जाएगा। ट्रंप ने यह भी दावा किया था कि ईरान अपना यूरेनियम सौंपने के लिए तैयार है। अब ट्रंप के दावे पर ईरान की प्रतिक्रिया सामने आ गई है।

ट्रंप के दावे को ईरान ने झुठलाया

ट्रंप के दावे को झुठलाते हुए ईरान ने साफ कर दिया है कि वो अपना यूरेनियम नहीं सौंपेगा। ईरानी अधिकारी ने इस मामले पर बात करते हुए कहा कि उनका यूरेनियम भंडार देश के लिए बेहद अहम है और ईरान इसे किसी को भी ट्रांसफर नहीं करेगा ।

ट्रंप को चाहिए ईरान की ‘परमाणु धूल’

इससे पहले ट्रंप ने कहा थे कि उनके B-2 बॉम्बर ने पिछले साल ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी करते हुए जो तबाही मचाई थी, उसके बाद ईरान की ‘परमाणु धूल’ गहराई में दब गई थी और अमेरिका को वो चाहिए। ट्रंप ने कई मौकों पर कहा है कि वह ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे। हालांकि ईरान का रुख भी शुरू से साफ है कि वो परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता, बल्कि अपने देश के विकास के लिए सिर्फ परमाणु ऊर्जा विकसित करना चाहता है।

ट्रंप को क्यों चाहिए ईरान की ‘परमाणु धूल’?

ट्रंप ईरान की ‘परमाणु धूल’ को इसलिए हासिल करना चाहते हैं क्योंकि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से पूरी तरह रोकना उनका बड़ा लक्ष्य है। इस ‘परमाणु धूल’ के बिना ईरान अपने परमाणु प्रोग्राम को आगे नहीं बढ़ा सकता। इसी वजह से ट्रंप चाहते हैं कि ईरान के साथ शांति समझौते के तहत अमेरिका और ईरान मिलकर खुदाई कर इसे निकालकर ले जाए।

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