कोडरमा जेल में अवैध वसूली की जांच तेज:दो सदस्यीय टीम ने पांच घंटे तक की पड़ताल, बंदियों से की बात, दस्तावेज भी जांचे

कोडरमा जेल में अवैध वसूली की जांच तेज:दो सदस्यीय टीम ने पांच घंटे तक की पड़ताल, बंदियों से की बात, दस्तावेज भी जांचे

कोडरमा मंडल कारा में बंदियों से अवैध वसूली के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जेल आईजी सुदर्शन मंडल के निर्देश पर दो सदस्यीय जांच टीम ने मंडल कारा पहुंचकर मामले की गहन पड़ताल की। जांच टीम में रांची जेल प्रशासन के निदेशक ज्ञान शंकर जायसवाल और हजारीबाग सेंट्रल जेल के अधीक्षक चंद्रशेखर प्रसाद सुमन शामिल थे। जांच टीम ने करीब पांच घंटे तक जेल के अंदर रहकर विभिन्न पहलुओं की जांच की। इस दौरान निदेशक ज्ञान शंकर जायसवाल ने कई बंदियों से अलग-अलग पूछताछ की। उनके बयान दर्ज किए। साथ ही मुलाकात रजिस्टर सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान कुछ अहम दस्तावेज टीम अपने साथ भी ले गई है। ऑनलाइन भुगतान के साक्ष्य भी सौंपे गए बंदियों और शिकायतकर्ता पक्ष द्वारा जांच टीम को ऑनलाइन पेमेंट से जुड़े स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए गए, जो अवैध वसूली के आरोपों को मजबूती देते हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान नशीले पदार्थों की उपलब्धता और मुलाकात के नाम पर उगाही जैसे गंभीर आरोपों से जुड़े पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया। जांच के केंद्र में रहे प्रभारी जेलर प्रेम कुमार इस दौरान अवकाश पर बताए गए, जिससे कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि बंदियों के बयानों, दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यह रिपोर्ट जेल आईजी को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। —————————————————————- इसे भी पढ़ें..… कोडरमा मंडल कारा में चल रही अवैध वसूली:सुविधा देने के नाम पर कैदियों से लिए जाते हैं पैसे, पैसे भेजने का स्क्रीन शॉर्ट आया सामने कोडरमा मंडल कारा में कैदियों से अवैध वसूली हो रही है। विशेष सुविधा के नाम पर कैदियों से पैसे वसूले जा रहे हैं। जेल में बंद एक कैदी ने डीसी, एसपी, जेल आईजी और मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर यह आरोप लगाया है। हत्या के एक मामले में जेल में बंद मोकामा के दिलखुश कुमार ने अपने परिजनों के माध्यम से यह पत्र अधिकारियों को भेजा है। दिलखुश का आरोप है कि मुलाकात, वार्ड परिवर्तन, इलाज और अन्य मामलों में उससे पैसों की मांग की गई। विरोध करने पर मारपीट की गई और सेल में बंद कर दिया। उससे अलग-अलग खातों में तीन लाख रुपए ​लिए गए, जिसका भुगतान ऑनलाइन किया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें… कोडरमा मंडल कारा में बंदियों से अवैध वसूली के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जेल आईजी सुदर्शन मंडल के निर्देश पर दो सदस्यीय जांच टीम ने मंडल कारा पहुंचकर मामले की गहन पड़ताल की। जांच टीम में रांची जेल प्रशासन के निदेशक ज्ञान शंकर जायसवाल और हजारीबाग सेंट्रल जेल के अधीक्षक चंद्रशेखर प्रसाद सुमन शामिल थे। जांच टीम ने करीब पांच घंटे तक जेल के अंदर रहकर विभिन्न पहलुओं की जांच की। इस दौरान निदेशक ज्ञान शंकर जायसवाल ने कई बंदियों से अलग-अलग पूछताछ की। उनके बयान दर्ज किए। साथ ही मुलाकात रजिस्टर सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान कुछ अहम दस्तावेज टीम अपने साथ भी ले गई है। ऑनलाइन भुगतान के साक्ष्य भी सौंपे गए बंदियों और शिकायतकर्ता पक्ष द्वारा जांच टीम को ऑनलाइन पेमेंट से जुड़े स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए गए, जो अवैध वसूली के आरोपों को मजबूती देते हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान नशीले पदार्थों की उपलब्धता और मुलाकात के नाम पर उगाही जैसे गंभीर आरोपों से जुड़े पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया। जांच के केंद्र में रहे प्रभारी जेलर प्रेम कुमार इस दौरान अवकाश पर बताए गए, जिससे कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि बंदियों के बयानों, दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यह रिपोर्ट जेल आईजी को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। —————————————————————- इसे भी पढ़ें..… कोडरमा मंडल कारा में चल रही अवैध वसूली:सुविधा देने के नाम पर कैदियों से लिए जाते हैं पैसे, पैसे भेजने का स्क्रीन शॉर्ट आया सामने कोडरमा मंडल कारा में कैदियों से अवैध वसूली हो रही है। विशेष सुविधा के नाम पर कैदियों से पैसे वसूले जा रहे हैं। जेल में बंद एक कैदी ने डीसी, एसपी, जेल आईजी और मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर यह आरोप लगाया है। हत्या के एक मामले में जेल में बंद मोकामा के दिलखुश कुमार ने अपने परिजनों के माध्यम से यह पत्र अधिकारियों को भेजा है। दिलखुश का आरोप है कि मुलाकात, वार्ड परिवर्तन, इलाज और अन्य मामलों में उससे पैसों की मांग की गई। विरोध करने पर मारपीट की गई और सेल में बंद कर दिया। उससे अलग-अलग खातों में तीन लाख रुपए ​लिए गए, जिसका भुगतान ऑनलाइन किया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…  

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