ग्वालियर के व्यस्ततम इलाकों में शामिल इंदरगंज थाने में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब थाने के भीतर ही दो पुलिसकर्मी आपस में भिड़ गए। ड्यूटी से गायब रहने पर पूछताछ करने पर आरक्षक ने अपने ही सीनियर पर हमला कर दिया, जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, थाने में तैनात आरक्षक महेन्द्र सिंह की ड्यूटी हवालात की पहरा व्यवस्था में लगी थी। इस दौरान वह बिना बताए ड्यूटी से अनुपस्थित हो गया। स्थिति को गंभीर मानते हुए प्रधान आरक्षक (दीवान) अंजनी सिंह ने उसे फोन कर तुरंत थाने लौटने और जवाब देने के लिए कहा। थाने पहुंचते ही बढ़ा विवाद थाने लौटने के बाद जब प्रधान आरक्षक ने ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का कारण पूछा, तो बातचीत अचानक विवाद में बदल गई। आरोप है कि आरक्षक महेन्द्र सिंह ने सीनियर से अभद्रता शुरू कर दी और देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान थाने के भीतर दोनों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट हुई। झड़प में वर्दी के बटन टूट गए और कपड़े भी फट गए। मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया। स्टाफ ने कराया मामला शांत घटना को देखकर थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को काबू में किया। साथी स्टाफ की मदद से दोनों को अलग किया गया, जिससे मामला और आगे बढ़ने से टल गया। एसएसपी ने लिया सख्त एक्शन, आरक्षक सस्पेंड घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इंदरगंज थाने पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कराई। प्रारंभिक जांच में अनुशासनहीनता और मारपीट की पुष्टि होने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आरक्षक महेन्द्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। थाना प्रभारी के अनुसार, आरक्षक द्वारा ड्यूटी से अनुपस्थित रहना और पूछताछ पर सीनियर से दुर्व्यवहार करना गंभीर अनुशासनहीनता है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने भी इसे विभाग की छवि के लिए नुकसानदायक घटना बताया है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।


