नूंह में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को डीजल, पेट्रोल, सीएनजी और एलपीजी की बढ़ती कीमतों के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने नूंह लघु सचिवालय पहुंचकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और डीसी के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ईंधन की कीमतों पर तत्काल नियंत्रण लगाने की मांग की गई। इनेलो नेताओं ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से डीजल, पेट्रोल, सीएनजी, एलपीजी और तारकोल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। इस बढ़ोतरी से आम जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई के कारण लोगों के लिए घरेलू बजट का प्रबंधन करना मुश्किल हो गया है। ‘जरूरतों की वस्तुओं पर पड़ रहा असर’ इनेलो के नूंह प्रभारी आनंद सिंह शौरान ने बताया कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है। इसका प्रभाव रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि डीजल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ जाती है, क्योंकि अधिकांश माल ढुलाई वाहन डीजल पर ही चलते हैं। परिणामस्वरूप, खाद्य पदार्थों और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ने लगते हैं। ईंधन की कीमतों में राहत देने की मांग इनेलो नेता हाजी सोहराब ने इस बात पर जोर दिया कि डीजल, पेट्रोल, सीएनजी और एलपीजी की बढ़ी हुई कीमतों का असर परिवहन क्षेत्र पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। ट्रांसपोर्टरों को अपने किराए में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करनी पड़ रही है। इसका सीधा प्रभाव फल, सब्जियों, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है, जिससे आम उपभोक्ता परेशान हैं। ज्ञापन के माध्यम से इनेलो नेताओं ने केंद्र सरकार से महंगाई पर नियंत्रण पाने के लिए ईंधन की कीमतों में राहत देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि पेट्रोलियम उत्पादों के दाम कम किए जाते हैं, तो आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में स्थिरता आएगी और आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।


