Sairaj Bahutule joins Team India: भारत बनाम अफगानिस्तान के पहले टेस्ट से पहले टीम इंडिया को साईराज बहुतुले के रूप में नया स्पिन बॉलिंग कोच मिल गया है। पिछले साल राजस्थान रॉयल्स से अलग होने के बाद पूर्व लेग स्पिनर बहुुुुुतुले इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) सीजन में पंजाब किंग्स के साथ काम कर रहे थे। अब वह मुल्लानपुर टेस्ट में गौतम गंभीर के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा होंगे। बीसीसीआई ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इसकी पुष्टि की है।
बीसीसीआई ने पूरी की गौतम गंभीर की डिमांड
दरअसल, पिछले महीने रिपोर्ट आई थी कि भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने पर्सनली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से साईराज बहुतुले को भारत का स्पिन बॉलिंग कोच बनाने की रिक्वेस्ट की थी। जुलाई 2024 में राहुल द्रविड़ से पदभार संभालने के बाद से गंभीर बिना स्पिन कोच के काम कर रहे थे। भारत 2024 में न्यूजीलैंड से 0-3 और 2025 में साउथ अफ्रीका से 0-2 से हार गया। इन व्हाइटवॉश ने शायद गंभीर की आंखें खोल दी हैं। बहुतुले मुल्लानपुर में भारत की टीम में शामिल होंगे और वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मानव सुथार, गुरनूर बरार और हर्ष दुबे के साथ काम करना शुरू करेंगे।
जाने-माने कोच हैं बहुतुले
53 साल के बहुतुले एक जाने-माने कोच हैं और उन्होंने बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में स्पेशलिस्ट बॉलिंग कोच के तौर पर अपने 4 साल के समय में कई युवा स्पिनरों के साथ काम किया है। बहुतुले ने 2024 में भारत के अंतरिम बॉलिंग कोच के तौर पर भी काम किया है, जब गंभीर हेड कोच के तौर पर पहले दौरे पर थे। उन्हें कई घरेलू टीमों के साथ काम करने का भी अनुभव है।
भारतीय स्पिनरों का प्रदर्शन भी बेहतर होने की उम्मीद
भारत के पास पहले से ही गंभीर, सीतांशु कोटक और रयान टेन डोएशेट हैं। पहेली का बस एक ही हिस्सा गायब था, वह था स्पिन बॉलिंग कोच। अब, भारत को वह मिल गया है। उम्मीद की जा सकती है कि भारतीय स्पिनरों का प्रदर्शन भी बेहतर होगा, जिन्हें कीवी और प्रोटियाज स्पिनरों ने पीछे छोड़ दिया था। बहुतुले सिर्फ टेस्ट क्रिकेट तक ही सीमित नहीं रहेंगे। वह सभी फॉर्मेट में कोचिंग सेटअप का हिस्सा होंगे और एकमात्र टेस्ट के बाद उनका अगला असाइनमेंट भारत बनाम अफगानिस्तान ODI सीरीज होगी।
उतार-चढ़ाव भरा रहा अंतरराष्ट्रीय करियर
बता दें कि बहुतुले का इंटरनेशनल करियर काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा, उन्होंने 1997 में इंडिया के लिए डेब्यू किया और 2003 में अपना आखिरी मैच खेला। इन सालों में उन्होंने सिर्फ दो टेस्ट और आठ वनडे खेले। हालांकि, उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में बहुत अच्छा खेला। उन्होंने लगभग 20 साल के करियर में 188 फर्स्ट-क्लास मैचों में 630 विकेट और अपनी लेग स्पिन से 143 लिस्ट ए मैच में 197 विकेट लिए।



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