जहानाबाद में संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को दूसरे दिन भी जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय के समक्ष जारी रहा। शिक्षक अपनी 27 सूत्री मांगों को लेकर शिक्षा विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। चार महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप शिक्षक नेता मोहम्मद अकबर ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि नियोजित शिक्षकों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आवास भत्ते में भी विसंगति का मुद्दा उठाया। उनके अनुसार, नगर परिषद क्षेत्र के शिक्षकों को 10 प्रतिशत और नगर पंचायत क्षेत्र के शिक्षकों को 7.5 प्रतिशत आवास भत्ता मिलना चाहिए, जबकि वर्तमान में केवल 5 प्रतिशत भत्ता ही दिया जा रहा है। सेवा पुस्तिकाएं और एरियर भुगतान लंबित शिक्षकों ने आरोप लगाया कि कई शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं वर्षों से लंबित हैं और उनका समय पर निर्धारण नहीं किया जा रहा है। साथ ही एरियर भुगतान और अन्य वित्तीय मामलों का भी निपटारा नहीं हो रहा है। शिक्षक नेताओं ने विभागीय अधिकारियों की उदासीनता और मनमाने रवैये को इन समस्याओं के लिए जिम्मेदार बताया। भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए धरनार्थियों ने डीईओ कार्यालय पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि बिना पैसे दिए कोई काम नहीं होता, जिससे शिक्षकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी उनके सेवानिवृत्ति लाभ समय पर नहीं मिल पा रहे हैं। आंदोलन तेज करने की चेतावनी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के नेताओं ने स्पष्ट किया कि “घेरा डालो, डेरा डालो” कार्यक्रम के तहत शुरू किया गया यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जहानाबाद में संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को दूसरे दिन भी जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय के समक्ष जारी रहा। शिक्षक अपनी 27 सूत्री मांगों को लेकर शिक्षा विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। चार महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप शिक्षक नेता मोहम्मद अकबर ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि नियोजित शिक्षकों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आवास भत्ते में भी विसंगति का मुद्दा उठाया। उनके अनुसार, नगर परिषद क्षेत्र के शिक्षकों को 10 प्रतिशत और नगर पंचायत क्षेत्र के शिक्षकों को 7.5 प्रतिशत आवास भत्ता मिलना चाहिए, जबकि वर्तमान में केवल 5 प्रतिशत भत्ता ही दिया जा रहा है। सेवा पुस्तिकाएं और एरियर भुगतान लंबित शिक्षकों ने आरोप लगाया कि कई शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं वर्षों से लंबित हैं और उनका समय पर निर्धारण नहीं किया जा रहा है। साथ ही एरियर भुगतान और अन्य वित्तीय मामलों का भी निपटारा नहीं हो रहा है। शिक्षक नेताओं ने विभागीय अधिकारियों की उदासीनता और मनमाने रवैये को इन समस्याओं के लिए जिम्मेदार बताया। भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए धरनार्थियों ने डीईओ कार्यालय पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि बिना पैसे दिए कोई काम नहीं होता, जिससे शिक्षकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी उनके सेवानिवृत्ति लाभ समय पर नहीं मिल पा रहे हैं। आंदोलन तेज करने की चेतावनी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के नेताओं ने स्पष्ट किया कि “घेरा डालो, डेरा डालो” कार्यक्रम के तहत शुरू किया गया यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


