सिटी रिपोर्टर| समस्तीपुर जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। रविवार को समाहरणालय सभा कक्ष में एसपी अरविंद प्रताप सिंह की अध्यक्षता में अप्रैल माह की मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में एएसपी सह सदर एसडीपीओ-1 संजय कुमार पाण्डेय एवं सभी डीएसपी स्तर के पदाधिकारी, अंचल पुलिस निरीक्षक और सभी थानाध्यक्ष मौजूद रहे। एसपी ने हत्या, डकैती, लूट, दहेज हत्या सहित अन्य गंभीर कांडों की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया। उन्होंने सभी थानों को शराब बरामदगी के मामलों में तेजी लाने और उससे जुड़े अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। साथ ही सूखे नशे पर रोक लगाने के लिए मादक पदार्थों की बिक्री में शामिल लोगों पर विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। एसपी ने गिरफ्तारी बढ़ाने पर जोर देते हुए प्रत्येक थाने को अपने-अपने क्षेत्र के कुख्यात अपराधियों के नाम सीसीए के तहत प्रस्तावित करने का निर्देश दिया। सक्रिय अपराधियों का पूरा विवरण गुंडा पंजी में अद्यतन रखने और सभी पंजियों का नियमित संधारण सुनिश्चित करने को भी कहा गया। बैठक में विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और अपराध नियंत्रण के लिए थानाध्यक्षों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कार्य में लापरवाही को लेकर जल्द ही कुछ थानाध्यक्षों पर कार्रवाई हो सकती है। सिटी रिपोर्टर| समस्तीपुर जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। रविवार को समाहरणालय सभा कक्ष में एसपी अरविंद प्रताप सिंह की अध्यक्षता में अप्रैल माह की मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में एएसपी सह सदर एसडीपीओ-1 संजय कुमार पाण्डेय एवं सभी डीएसपी स्तर के पदाधिकारी, अंचल पुलिस निरीक्षक और सभी थानाध्यक्ष मौजूद रहे। एसपी ने हत्या, डकैती, लूट, दहेज हत्या सहित अन्य गंभीर कांडों की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया। उन्होंने सभी थानों को शराब बरामदगी के मामलों में तेजी लाने और उससे जुड़े अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। साथ ही सूखे नशे पर रोक लगाने के लिए मादक पदार्थों की बिक्री में शामिल लोगों पर विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। एसपी ने गिरफ्तारी बढ़ाने पर जोर देते हुए प्रत्येक थाने को अपने-अपने क्षेत्र के कुख्यात अपराधियों के नाम सीसीए के तहत प्रस्तावित करने का निर्देश दिया। सक्रिय अपराधियों का पूरा विवरण गुंडा पंजी में अद्यतन रखने और सभी पंजियों का नियमित संधारण सुनिश्चित करने को भी कहा गया। बैठक में विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और अपराध नियंत्रण के लिए थानाध्यक्षों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कार्य में लापरवाही को लेकर जल्द ही कुछ थानाध्यक्षों पर कार्रवाई हो सकती है।


