सोनीपत में एक नाबालिग स्टूडेंट ने कमरे में फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड़ कर लिया। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले 17 वर्षीय छात्र ने संदिग्ध परिस्थितियों में घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्र घर पर मोबाइल फोन न मिलने से नाराज था। घटना के समय घर में कोई सदस्य मौजूद नहीं था। माता-पिता नौकरी पर गए हुए थे और बहन भी काम पर चली गई थी। दोपहर में जब पिता घर पहुंचे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। खिड़की से झांककर देखा तो बेटा फंदे पर लटका हुआ था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। रोज दोस्तों के साथ खेलने जाता था, बुधवार को कमरे में ही रहा जानकारी के अनुसार गांव कबीरपुर निवासी 17 वर्षीय वंशु 11वीं कक्षा का छात्र था। परिजनों ने बताया कि वह प्रतिदिन सुबह खाना खाने के बाद दोस्तों के साथ खेलने के लिए घर से निकल जाता था और कुछ समय बाद वापस लौट आता था। लेकिन बुधवार को उसका दैनिक व्यवहार बदल गया। वह घर से खेलने के लिए बाहर नहीं गया और पूरे समय घर पर ही रहा। इसी दौरान उसने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बहन से घर पर मोबाइल छोड़ने की कर रहा था जिद परिजनों के मुताबिक वंशु सुबह अपनी बहन से मोबाइल फोन घर पर छोड़कर जाने की बात कह रहा था। उसकी बहन नौकरी पर जाती है और उसे भी मोबाइल की जरूरत रहती है, इसलिए वह फोन साथ लेकर चली गई। बताया गया कि घर में तीन मोबाइल फोन हैं, लेकिन उस दिन कोई भी मोबाइल घर पर नहीं था। परिजनों का मानना है कि इसी बात को लेकर वंशु परेशान हो गया और उसने यह कदम उठा लिया। माता-पिता नौकरी पर, बहन भी काम पर गई हुई थी घटना के समय घर में कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था। वंशु के माता-पिता सुबह काम पर चले गए थे। उसकी बहन भी करीब 11 बजे नौकरी पर चली गई थी। वहीं छोटा भाई छुट्टी होने के कारण घर से बाहर खेलने गया हुआ था। परिवार के अनुसार सुबह तक सब कुछ सामान्य था और किसी को अंदाजा नहीं था कि वंशु इतना बड़ा कदम उठा लेगा। पिता ने खिड़की से झांककर देखा तो उड़ गए होश दोपहर के समय जब वंशु के पिता घर लौटे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। उन्होंने कई बार आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। शक होने पर उन्होंने खिड़की से झांककर देखा तो वंशु फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। यह दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। मां का रो-रोकर बुरा हाल, बोलीं- फोन चाहिए था तो दिला देते वंशु की मौत के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल है। बिलखती मां ने कहा कि अगर बेटे को मोबाइल फोन चाहिए था तो वह मांग लेता, परिवार उसे फोन दिला देता। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनके बेटे ने ऐसा कदम क्यों उठाया। परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे सदमे में हैं। गांव में पसरा मातम, लोगों की लगी भीड़ घटना की सूचना फैलते ही गांव कबीरपुर में शोक का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंचे। हर कोई इस बात से स्तब्ध है कि पढ़ाई में अच्छा और सामान्य व्यवहार वाला छात्र अचानक ऐसा कदम कैसे उठा सकता है। पुलिस हर पहलू से कर रही जांच सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।


