सिरसा जिले के एक गांव में नशा बेचने पर पांच युवकों को ग्रामीणों द्वारा नशाली दवाईयां सहित रंगेहाथ पकड़ लिया गया। इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ग्रामीण उन युवकों को पकड़े हुए नजर आ रहे हैं और उनसे सप्लाई के बारे में सवाल पूछ रहे हैं। चारों युवक ग्रामीणों को आता देख पहले ही नशे की गोलियां फेंक देते हैं। जब पास में पड़ी काफी मात्रा में नशीली दवाई मिलती है तो युवकों से सप्लायर या सप्लाई के बारे में पूछा तो वह टालमटोल करने लगे और बार-बार बदलकर बयान देने लगे। इस पर ग्रामीणों ने उनको पुलिस को सौंप दिया और उसके पास जो नशीली दवाएं मिली थी। वे पुलिस को सौंप दी। आरोप है कि कुछ लोग गांव में नशा बेचने का काम करते हैं और युवाओं को नशे के जाल में धकेल दिया है। इस वजह से काफी युवा नशे के कारण बर्बाद हो चुके हैं। अक्सर कोई न कोई नशा बेचते पकड़ा जाता है। जानकारी के अनुसार, यह मामला रविवार रात करीब 11 से साढ़े 11 बजे का है और चार युवक पड़े में जाते हैं और चारों ही गांव कागदाना के हैं। इसके अलावा आज सोमवार दोपहर करीब साढ़े 11 बजे भी एक युवक गांव में नशा बेचते हुए गांव वालों ने पकड़ लिया। उसे भी पुलिस के हवाले कर दिया है। उक्त युवक चाहरवाला गांव का रहने वाला है और वह गांव के किसी नशेड़ी से नशीली दवाएं लेने आया हुआ था, जो ग्रामीणों के हत्थे चढ गया। युवक को नशे के साथ पकड़े जाने का वीडियो गांव की संघर्ष समिति कर रही कार्रवाई ग्रामीणों ने बताया कि कागदाना गांव की संघर्ष समिति इस मामले में कार्रवाई कर रही है। करीब 40 लोगों की कमेटी बनाई हुई है, जो गांव में पहरा देती है। शक के आधार पर युवकों को पकड़ती है, जो नशा बेचने का काम करते हैं। जब लोगों ने उन चारों युवकों को पकड़ा तो बाद में मुकर गए कि उनके पास कोई गोली नहीं है और न ही ये हमारे पास मिली है। इस बारे में वह नहीं जानते। अब पुलिस मामले की जांच में जुटी है। समिति की मांग है कि पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे। उनकी टीम नशेड़ियों को पकड़वाती है और कुछ देर बाद पुलिस उनको छोड़ देती है और उनको कहती है कि यह एनडीपीएस एक्ट में नहीं आता। इससे नशेड़ियों को हौंसलें बुलंद है और उनकी टीम को धमकाने का काम करते हैं।


