टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मंगलवार को राजौंद गांव में एक स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। सिविल सर्जन कैथल के निर्देशानुसार डॉ. संदीप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में लगभग 70 मरीजों के छाती के एक्स-रे किए गए और 100 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई। मौके पर ही मरीजों को मुफ्त दवाएं भी वितरित की गईं। स्वास्थ्य निरीक्षक जितेंद्र सिंह और टीबी एचएन अनिल कुमार ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक खांसी, लगातार बुखार, भूख में कमी, वजन घटना या रात में पसीना आने जैसे लक्षण महसूस हों, तो उसे तुरंत सरकारी अस्पताल में अपने बलगम की जांच करवानी चाहिए। यह जांच सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क की जाती है। सरकारी अस्पतालों में टीबी का मुफ्त इलाज उन्होंने यह भी बताया कि टीबी से पीड़ित पाए जाने वाले मरीजों का इलाज सरकार द्वारा मुफ्त किया जाता है। इसके अतिरिक्त, पोषण योजना के तहत ऐसे मरीजों को प्रति माह एक हजार रुपए की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा करवाई जाती है। अधिकारियों ने जोर दिया कि मरीज नियमित रूप से दवा का सेवन करें और पौष्टिक भोजन लें, जिससे वे जल्द ही टीबी की बीमारी से ठीक हो सकते हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता विनोद और आशा कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।


