पटना में एक युवक को पुलिस ने पक़ड़ा:थानेदार-दारोगा पर 1.10 लाख रुपए लेने का लगाया आरोप, PR बॉन्ड पर छूटा था

पटना में एक युवक को पुलिस ने पक़ड़ा:थानेदार-दारोगा पर 1.10 लाख रुपए लेने का लगाया आरोप, PR बॉन्ड पर छूटा था

राज कृष्ण नाम के शख्स ने चित्रगुप्त नगर के थानेदार शंकर झा और दारोगा शांतनु कुमार पर मारपीट, रंगदारी और ऑनलाइन UPI के जरिए बल पूर्वक ट्रांजेक्शन कराने का आरोप लगाया है। राज कृष्ण विक्रम का रहने वाला है। उसने आवेदन के जरिए पुलिस अधीक्षक को बताया है कि 29 मई की शाम वो अपने बहन के घर से लौट रहा था। इसी बीच भागवत नगर चौराहा के पास जबरदस्ती पुलिस गाड़ी में 5:30 बजे बैठा लिया गया। रात भर कमर्स कॉलेज के परिसर में रखकर मारपीट की गई। छोड़ने के लिए 2 लाख रुपए की डिमांड हो रही थी। मैं मना कर रहा था, तो मेरी पिटाई की गई। पुलिस पर मारने-पीटने का भी आरोप पिस्टल भिड़ाकर शांतनु कुमार ने मेरा मोबाइल छीन लिया और मेरे UPI का पासवर्ड लेकर रात 12:42 से लेकर 1:14 मध्य रात्रि के बीच रोमा देवी, मनीष कुमार, बबीता कुमारी नाम से संचालित UPI पर किश्त में कुल 110000 रुपए ट्रांजेक्शन कर लिए गए। इसके बाद देर रात 2:30 बजे शांतनु कुमार ने पटना साहिब स्टेशन के पुल पर धमकाते हुए शख्स को छोड़ दिया। युवक के मुताबिक इसके बाद उसने PMCH में इलाज कराया। थाने पर नहीं थे SHO शंकर झा थानेदार शंकर झा के मुताबिक, वह थाने पर 29 मई की दोपहर 12:30 बजे के बाद से नहीं थे। बाहर गए थे। 30 तारीख की सुबह थाने पर आए थे। उन्होंने इस आरोप का खंडन किया है। उन्होंने बताया है कि गश्ती गाड़ी ने संदेह के आधार पर रोककर तलाशी ली। उसके पास से चिलम, गोगो, खैनी और गांजा के अवशेष वगैरह मिला था। इसके बाद थाने पर पूछताछ के लिए शांतनु कुमार लाए थे। पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था। मैं उस वक्त मौजूद भी नहीं था। वरीय अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक राज कृष्ण पहले से सूखे नशे के कारोबार से जुड़ा है। रिकवरी की कोशिश हो रही थी। काफी कोशिश के बाद उसने कुछ नहीं बताया तो PR बॉन्ड पर उसे छोड़ दिया गया। फिलहाल इसकी जांच की जा रही है। राज कृष्ण नाम के शख्स ने चित्रगुप्त नगर के थानेदार शंकर झा और दारोगा शांतनु कुमार पर मारपीट, रंगदारी और ऑनलाइन UPI के जरिए बल पूर्वक ट्रांजेक्शन कराने का आरोप लगाया है। राज कृष्ण विक्रम का रहने वाला है। उसने आवेदन के जरिए पुलिस अधीक्षक को बताया है कि 29 मई की शाम वो अपने बहन के घर से लौट रहा था। इसी बीच भागवत नगर चौराहा के पास जबरदस्ती पुलिस गाड़ी में 5:30 बजे बैठा लिया गया। रात भर कमर्स कॉलेज के परिसर में रखकर मारपीट की गई। छोड़ने के लिए 2 लाख रुपए की डिमांड हो रही थी। मैं मना कर रहा था, तो मेरी पिटाई की गई। पुलिस पर मारने-पीटने का भी आरोप पिस्टल भिड़ाकर शांतनु कुमार ने मेरा मोबाइल छीन लिया और मेरे UPI का पासवर्ड लेकर रात 12:42 से लेकर 1:14 मध्य रात्रि के बीच रोमा देवी, मनीष कुमार, बबीता कुमारी नाम से संचालित UPI पर किश्त में कुल 110000 रुपए ट्रांजेक्शन कर लिए गए। इसके बाद देर रात 2:30 बजे शांतनु कुमार ने पटना साहिब स्टेशन के पुल पर धमकाते हुए शख्स को छोड़ दिया। युवक के मुताबिक इसके बाद उसने PMCH में इलाज कराया। थाने पर नहीं थे SHO शंकर झा थानेदार शंकर झा के मुताबिक, वह थाने पर 29 मई की दोपहर 12:30 बजे के बाद से नहीं थे। बाहर गए थे। 30 तारीख की सुबह थाने पर आए थे। उन्होंने इस आरोप का खंडन किया है। उन्होंने बताया है कि गश्ती गाड़ी ने संदेह के आधार पर रोककर तलाशी ली। उसके पास से चिलम, गोगो, खैनी और गांजा के अवशेष वगैरह मिला था। इसके बाद थाने पर पूछताछ के लिए शांतनु कुमार लाए थे। पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था। मैं उस वक्त मौजूद भी नहीं था। वरीय अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक राज कृष्ण पहले से सूखे नशे के कारोबार से जुड़ा है। रिकवरी की कोशिश हो रही थी। काफी कोशिश के बाद उसने कुछ नहीं बताया तो PR बॉन्ड पर उसे छोड़ दिया गया। फिलहाल इसकी जांच की जा रही है।  

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