बेगूसराय जिले के वीरपुर प्रखंड की डीहपर पंचायत के मलह डीह गांव के वार्ड संख्या-5 में नाले का गंदा पानी सड़क पर फैल गया है। इससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करीब 300 मीटर लंबी गली में जलभराव के कारण आवागमन बाधित हो गया है। जलजमाव से उत्पन्न दुर्गंध और गंदगी के कारण ग्रामीणों में संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार, नाले में कचरा जमा होने और नल-जल योजना के पाइपों से पानी का रिसाव होने के कारण निकासी बाधित हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप गली में लगातार पानी जमा रहता है, जिससे सड़क कीचड़ में बदल गई है। इस स्थिति से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक कठिनाई हो रही है, जिन्हें प्रतिदिन इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि नाले की सफाई समय-समय पर की जाती है, लेकिन कुछ ही दिनों में फिर से कचरा जमा हो जाता है और पानी सड़क पर बहने लगता है। कई स्थानों पर नाले के ढक्कन टूटे हुए हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीण सुनीता देवी, प्रतिमा देवी, जगतारण देवी, मीना देवी और फूलकी देवी ने बताया कि यह जलजमाव और दुर्गंध की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। उन्होंने कहा कि गंदगी के कारण संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नाले की नियमित सफाई, टूटे ढक्कनों की मरम्मत और समीप स्थित डोभा की उड़ाही कर स्थायी जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है। वार्ड सदस्य विकास सहनी ने पुष्टि की है कि इस समस्या की जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों को दी जा चुकी है। पंचायत के मुखिया राजीव कुमार ने बताया कि सहयोग शिविर के दौरान भी इस मुद्दे को प्रशासन के समक्ष उठाया गया था और इसके शीघ्र समाधान की अपेक्षा की गई है। बेगूसराय जिले के वीरपुर प्रखंड की डीहपर पंचायत के मलह डीह गांव के वार्ड संख्या-5 में नाले का गंदा पानी सड़क पर फैल गया है। इससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करीब 300 मीटर लंबी गली में जलभराव के कारण आवागमन बाधित हो गया है। जलजमाव से उत्पन्न दुर्गंध और गंदगी के कारण ग्रामीणों में संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार, नाले में कचरा जमा होने और नल-जल योजना के पाइपों से पानी का रिसाव होने के कारण निकासी बाधित हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप गली में लगातार पानी जमा रहता है, जिससे सड़क कीचड़ में बदल गई है। इस स्थिति से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक कठिनाई हो रही है, जिन्हें प्रतिदिन इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि नाले की सफाई समय-समय पर की जाती है, लेकिन कुछ ही दिनों में फिर से कचरा जमा हो जाता है और पानी सड़क पर बहने लगता है। कई स्थानों पर नाले के ढक्कन टूटे हुए हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीण सुनीता देवी, प्रतिमा देवी, जगतारण देवी, मीना देवी और फूलकी देवी ने बताया कि यह जलजमाव और दुर्गंध की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। उन्होंने कहा कि गंदगी के कारण संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नाले की नियमित सफाई, टूटे ढक्कनों की मरम्मत और समीप स्थित डोभा की उड़ाही कर स्थायी जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है। वार्ड सदस्य विकास सहनी ने पुष्टि की है कि इस समस्या की जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों को दी जा चुकी है। पंचायत के मुखिया राजीव कुमार ने बताया कि सहयोग शिविर के दौरान भी इस मुद्दे को प्रशासन के समक्ष उठाया गया था और इसके शीघ्र समाधान की अपेक्षा की गई है।


