महाराजगंज सदर तहसील सभागार में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 45 मामले सुनवाई के लिए आए, जिनमें से जिलाधिकारी ने मौके पर ही 04 प्रकरणों का निस्तारण किया। शेष मामलों के संबंध में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने भूमि विवाद से जुड़े मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्यवाही पर जोर दिया। साथ ही, आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) के तहत प्राप्त शिकायतों का भी गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संतुष्टि प्रतिशत को न्यूनतम 75 प्रतिशत तक लाने के लिए प्रभावी शिकायत निवारण पर बल दिया। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने 02 कानूनगो और 02 लेखपालों को स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि कानूनगो और लेखपाल अस्पष्ट या गलत रिपोर्ट प्रस्तुत करने से बचें, अन्यथा उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने दोहराया कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण मुख्यमंत्री और शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने पिछले समाधान दिवस में प्राप्त कुछ शिकायतों पर जिलास्तरीय अधिकारियों के माध्यम से यादृच्छिक (रैंडम) आधार पर फीडबैक लिया। इसमें 04 शिकायतकर्ताओं ने असंतोष व्यक्त किया, जिसके बाद जिलाधिकारी ने उन सभी मामलों में भी स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त 45 मामलों में से 22 राजस्व विभाग से, 13 पुलिस विभाग से, 02 विकास विभाग से और शेष अन्य विभागों से संबंधित थे। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.एन. प्रसाद, एसडीएम सदर जितेंद्र कुमार, तहसीलदार सदर पंकज शाही, डीडीओ बी.एन. कन्नौजिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


