जमीन विवाद में बंदोबस्त अधिकारी को खींच ले गई भीड़:दुमका में 300 मीटर दूर आयुक्त कार्यालय पैदल चलाए गए अधिकारी

जमीन विवाद में बंदोबस्त अधिकारी को खींच ले गई भीड़:दुमका में 300 मीटर दूर आयुक्त कार्यालय पैदल चलाए गए अधिकारी

दुमका स्थित संथाल परगना बंदोबस्त कार्यालय में जमीन विवाद को लेकर जमकर हंगामा हुआ। गोड्डा जिले के तेतरिया गांव से पहुंचे ग्रामीणों ने सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी मनोज कुमार को उनके चैंबर से जबरन बाहर निकाला। इसके बाद करीब 300 मीटर दूर प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय तक खींचकर ले गए। मामला मंगलवार का है। अब इस मामले का वीडियो वायरल हो रहा है। इस पूरे मामले के दौरान कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। आक्रोशित लोगों का कहना है कि अधिकारी ने टाइटल सूट से जुड़े जमीन विवाद में एकतरफा फैसला सुनाते हुए विपक्षी पक्ष के पक्ष में आदेश पारित कर दिया, जबकि उनके पास पर्याप्त साक्ष्य मौजूद थे। घटना के दौरान काफी देर तक कार्यालय का कामकाज प्रभावित रहा। सबूत के बावजूद नहीं हुई सुनवाई आंदोलन कर रहे लोगों का नेतृत्व सुकरी देवी कर रही थीं। उन्होंने बताया कि वे अपने समर्थकों के साथ गोड्डा से दुमका न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। उनका कहना था कि विवादित जमीन मामले में उनके पक्ष में मजबूत दस्तावेज और साक्ष्य होने के बावजूद सहायक बंदोबस्त अधिकारी ने उदय कृष्ण सिंह के पक्ष में फैसला दे दिया। इससे नाराज होकर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने अधिकारी को उनके कार्यालय से बाहर निकालते हुए प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय तक ले जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। उस समय आयुक्त की अनुपस्थिति में उनके सचिव अमित कुमार के समक्ष पूरे मामले को रखा गया। मामले से संबंधित दस्तावेज देने का दिया आदेश घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। प्रमंडलीय आयुक्त के सचिव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर थाना प्रभारी और एसडीपीओ को तुरंत कार्यालय बुलाया। दोनों पक्षों की मौजूदगी में बैठक कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। सचिव ने सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे मामले से जुड़े सभी अभिलेख, दस्तावेज और पारित आदेश की प्रति प्रस्तुत करें। साथ ही, पीड़ित पक्ष को प्रमंडलीय आयुक्त के नाम लिखित आवेदन देने को कहा गया। वहीं, अधिकारी मनोज कुमार ने भी आक्रोशित ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वे पूरे मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखेंगे ताकि निष्पक्ष और न्यायसंगत सुनवाई सुनिश्चित की जा सके। पांच लोगों को किया गया अरेस्ट इधर हंगामे के बाद नगर थाना की पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए सुकरी देवी की बेटी डोली कुमारी, रूपा देवी, रोमा कुमारी एवं देव ऋषि लायक को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्यवाही उस समय हुई जब आयुक्त के नाम से आवेदन तैयार करने के लिए कोर्ट परिसर के पास टाइपिंग कराने जा रही थी। इसी दौरान नगर थाना की पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वहीं 40 से 50 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। दुमका स्थित संथाल परगना बंदोबस्त कार्यालय में जमीन विवाद को लेकर जमकर हंगामा हुआ। गोड्डा जिले के तेतरिया गांव से पहुंचे ग्रामीणों ने सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी मनोज कुमार को उनके चैंबर से जबरन बाहर निकाला। इसके बाद करीब 300 मीटर दूर प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय तक खींचकर ले गए। मामला मंगलवार का है। अब इस मामले का वीडियो वायरल हो रहा है। इस पूरे मामले के दौरान कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। आक्रोशित लोगों का कहना है कि अधिकारी ने टाइटल सूट से जुड़े जमीन विवाद में एकतरफा फैसला सुनाते हुए विपक्षी पक्ष के पक्ष में आदेश पारित कर दिया, जबकि उनके पास पर्याप्त साक्ष्य मौजूद थे। घटना के दौरान काफी देर तक कार्यालय का कामकाज प्रभावित रहा। सबूत के बावजूद नहीं हुई सुनवाई आंदोलन कर रहे लोगों का नेतृत्व सुकरी देवी कर रही थीं। उन्होंने बताया कि वे अपने समर्थकों के साथ गोड्डा से दुमका न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। उनका कहना था कि विवादित जमीन मामले में उनके पक्ष में मजबूत दस्तावेज और साक्ष्य होने के बावजूद सहायक बंदोबस्त अधिकारी ने उदय कृष्ण सिंह के पक्ष में फैसला दे दिया। इससे नाराज होकर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने अधिकारी को उनके कार्यालय से बाहर निकालते हुए प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय तक ले जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। उस समय आयुक्त की अनुपस्थिति में उनके सचिव अमित कुमार के समक्ष पूरे मामले को रखा गया। मामले से संबंधित दस्तावेज देने का दिया आदेश घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। प्रमंडलीय आयुक्त के सचिव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर थाना प्रभारी और एसडीपीओ को तुरंत कार्यालय बुलाया। दोनों पक्षों की मौजूदगी में बैठक कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। सचिव ने सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे मामले से जुड़े सभी अभिलेख, दस्तावेज और पारित आदेश की प्रति प्रस्तुत करें। साथ ही, पीड़ित पक्ष को प्रमंडलीय आयुक्त के नाम लिखित आवेदन देने को कहा गया। वहीं, अधिकारी मनोज कुमार ने भी आक्रोशित ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वे पूरे मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखेंगे ताकि निष्पक्ष और न्यायसंगत सुनवाई सुनिश्चित की जा सके। पांच लोगों को किया गया अरेस्ट इधर हंगामे के बाद नगर थाना की पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए सुकरी देवी की बेटी डोली कुमारी, रूपा देवी, रोमा कुमारी एवं देव ऋषि लायक को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्यवाही उस समय हुई जब आयुक्त के नाम से आवेदन तैयार करने के लिए कोर्ट परिसर के पास टाइपिंग कराने जा रही थी। इसी दौरान नगर थाना की पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वहीं 40 से 50 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया गया है।  

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