कोटा में एसीबी कोर्ट ने होमगार्ड ड्यूटी लगाने की एवज में रिश्वत मांगने के 15 साल पुराने मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने तत्कालीन हेड कांस्टेबल अल्ताफ हुसैन व रामचरण यादव, कार्यालय होमगार्ड, छत्रपुरा, कोटा को दोषी मानते हुए 3-3 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 30-30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। सहायक निदेशक अभियोजन जया गौतम ने बताया साल 2011 में परिवादी जुगराज एवं बुधराज ने कोटा एसीबी चौकी में शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि वो होमगार्ड सदस्य है। ड्यूटी लगाने को लेकर जब हेड कांस्टेबल अल्ताफ हुसैन से फोन पर बात की तो उन्होंने ड्यूटी लगाने की एवज में अन्य साथी रामचरण, बुधराज व अब्दुल हफीज से 500 -500 रूपए लेकर आने की डिमांड की। कहा इनसे पैसा लेकर आएगा। तभी तेरी ड्यूटी लगाऊंगा। शिकायत सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। जिसके बाद एसीबी ने ट्रेप कार्रवाई की। हेड कांस्टेबल अल्ताफ हुसैन और सहयोगी हेड कांस्टेबल रामचरण यादव को 1500 रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ साल 2013 में चालान पेश किया। कोर्ट में 21 गवाहों के बयान करवाए गए।


