खगड़िया में 5 वर्षीय बच्ची काली कोसी में डूबी:खेलते-खेलते नदी किनारे पहुंची, पैर फिसलने से हादसा; 24 घंटे बाद मिला शव

खगड़िया में 5 वर्षीय बच्ची काली कोसी में डूबी:खेलते-खेलते नदी किनारे पहुंची, पैर फिसलने से हादसा; 24 घंटे बाद मिला शव

खगड़िया के बेलदौर थाना क्षेत्र की कैंजरी पंचायत के वार्ड संख्या-4 में एक पांच वर्षीय बच्ची की काली कोसी नदी में डूबने से मौत हो गई। बच्ची का शव घटना के लगभग 24 घंटे बाद सोमवार शाम को बरामद किया गया। मृत बच्ची की पहचान कैंजरी पंचायत निवासी अमरजीत कुमार की पुत्री अमृता कुमारी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, रविवार शाम अमृता अपने घर के पास खेल रही थी। खेलते-खेलते वह काली कोसी नदी के किनारे पहुंच गई और अचानक नदी में डूब गई। घटना के समय बच्ची की मां घर पर अकेली थीं, जबकि पिता अमरजीत कुमार खेत में काम कर रहे थे। जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। आशंका जताई गई कि वह नदी में डूब गई है। सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने रविवार शाम से ही नदी में खोजबीन शुरू कर दी, लेकिन देर रात तक बच्ची का पता नहीं चल सका। ग्रामीणों ने बच्ची का शव नदी से बाहर निकाला मृतका के पिता अमरजीत कुमार ने बताया कि उन्हें पत्नी से फोन पर बच्ची के नदी में डूबने की सूचना मिली थी। वह तुरंत घर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर तलाश में जुट गए। सोमवार की देर शाम, लगभग 24 घंटे की खोजबीन के बाद ग्रामीणों की मदद से बच्ची का शव नदी से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे और घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने नदी किनारे रहने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा के उचित इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। खगड़िया के बेलदौर थाना क्षेत्र की कैंजरी पंचायत के वार्ड संख्या-4 में एक पांच वर्षीय बच्ची की काली कोसी नदी में डूबने से मौत हो गई। बच्ची का शव घटना के लगभग 24 घंटे बाद सोमवार शाम को बरामद किया गया। मृत बच्ची की पहचान कैंजरी पंचायत निवासी अमरजीत कुमार की पुत्री अमृता कुमारी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, रविवार शाम अमृता अपने घर के पास खेल रही थी। खेलते-खेलते वह काली कोसी नदी के किनारे पहुंच गई और अचानक नदी में डूब गई। घटना के समय बच्ची की मां घर पर अकेली थीं, जबकि पिता अमरजीत कुमार खेत में काम कर रहे थे। जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। आशंका जताई गई कि वह नदी में डूब गई है। सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने रविवार शाम से ही नदी में खोजबीन शुरू कर दी, लेकिन देर रात तक बच्ची का पता नहीं चल सका। ग्रामीणों ने बच्ची का शव नदी से बाहर निकाला मृतका के पिता अमरजीत कुमार ने बताया कि उन्हें पत्नी से फोन पर बच्ची के नदी में डूबने की सूचना मिली थी। वह तुरंत घर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर तलाश में जुट गए। सोमवार की देर शाम, लगभग 24 घंटे की खोजबीन के बाद ग्रामीणों की मदद से बच्ची का शव नदी से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे और घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने नदी किनारे रहने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा के उचित इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।  

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