कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में मेट्रो में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर मंगलवार को चकेरी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। चकेरी रेलवे स्टेशन निवासी कैफे संचालक दिलीप पांडेय की प्राथमिकी के अनुसार, अमित शर्मा ने खुद को उत्तर प्रदेश सचिवालय में अधिकारी बताकर उनका भरोसा जीता। शर्मा ने मेट्रो में नौकरी लगवाने के लिए उनके भाई प्रदीप पांडेय और उसके दोस्त से 4.30 लाख रुपये खर्च होने की बात कही। इसके बाद नौकरी के रजिस्ट्रेशन और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर किस्तों में ऑनलाइन और नकद रकम ली गई। शिकायत के मुताबिक, पीड़ित ने विभिन्न तिथियों में कुल 1.29 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए, जबकि बाद में 3 लाख रुपये नकद भी दिए गए। आरोप है कि 14 जुलाई 2025 को आरोपियों ने कानपुर मेट्रो का कथित ज्वाइनिंग लेटर भी भेजा, जिससे परिवार को विश्वास हो गया कि नौकरी लग गई है। हालांकि, जब 1 नवंबर 2025 को ज्वाइनिंग लेटर में दिए गए पते पर पहुंचे तो वहां न कोई मेट्रो स्टेशन मिला और न ही कोई कार्यालय। इसके बाद अमित शर्मा का मोबाइल फोन भी बंद मिलने लगा। प्राथमिकी के अनुसार, 12 नवंबर 2025 को जब पीड़ित अपने रुपये वापस मांगने आरोपी के घर पहुंचा तो उसे गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी दी गई। वहीं, 24 जनवरी 2026 को दोबारा रकम मांगने पर आरोपी की पत्नी ने कथित तौर पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित ने बताया कि उसने 30 जनवरी 2026 को पुलिस आयुक्त को रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से शिकायत भेजी थी, लेकिन चकेरी थाना पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर आरोपी दंपत्ति के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है और अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।


