गयाजी में ओझा बताकर एक बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि नशे में धुत भीड़ ने बुधवार की देर रात अधेड़ को उसके घर से घसीटकर बाहर निकाला। सिर पर हमला किया, दोनों हाथ काटकर लाश को घटनास्थल से 500 मीटर दूर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। वारदात के दौरान मौजूद मृतक की 10 साल की पोती ने पूरी आंखोंदेखी दैनिक भास्कर को बताई। उसने कहा कि दादा को घसीटकर भीड़ ने बाहर निकाला। वे लोग अंधेरे में दादा की बेरहमी से पिटाई कर रहे थे। मैं सब कुछ देख रही थी, लेकिन कुछ नहीं कर पाई। घटना मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के सोहैपुर पंचायत के बंधुआ गांव के शांति नगर टोला की है। मृतक की पहचान 62 साल के राजेंद्र मांझी के रूप में हुई है। आरोप गांव के लोगों पर ही लगा है। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं दूसरी ओर अब तक पीड़ित पक्ष की ओर से कोई तहरीर थाने में नहीं दी गई है। उनका कहना है कि अंतिम संस्कार के बाद थाना में आवेदन दिया जाएगा। पहले घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला घटना बुधवार रात करीब 11 बजे की है। गांव के लोगों और मृतक राजेंद्र मांझी के परिजन के मुताबिक, गांव के ही कुछ लोग शराब के नशे में पूरी तरह धुत्त होकर राजेंद्र मांझी के घर पर हमला किया। हमले से पहले आरोपियों ने राजेंद्र मांझी पर ‘ओझगुनी’ जादू-टोना करने का आरोप लगाया। हमलावरों का मानना था कि राजेंद्र की ओर से किए गए जादू-टोने के कारण ही उनके परिवार के एक बच्चे की मौत हुई है। इसी सनक में उन्होंने राजेंद्र मांझी पर लाठी, डंडों और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। चश्मदीद पोती बोली- दादा को मारते रहे, मैं देखती रही, कुछ नहीं कर पाई वारदात के दौरान घटनास्थल पर मौजूद राजेंद्र मांझी की 10 साल की पोती अनुष्का कुमारी ने पूरी कहानी बयां की। अनुष्का ने बताया कि हम लोग रात में बैठकर खाना खा रहे थे। तभी सुरेंद्र मांझी का बेटा टुनटुन मांझी आया और कहने लगा कि तुमने सही-सही क्यों नहीं बताया। इसके बाद उसकी मम्मी और अन्य लोग आ गए। वे लोग दादा के हाथ, पैर और सिर पर बेरहमी से वार करने लगे। वे चिल्ला रहे थे कि इसे और मारो, इसे और मारो। उनके परिवार के सभी लोग आकर दादा को बुरी तरह पीटने लगे। अनुष्का ने बताया कि घर से महज 10 कदम दूर ले जाकर पहले हाथ काट दिया, फिर किसी धारदार हथियार से सिर पर वार कर दिया। अनुष्का ने बताया कि दादा लहलुहान हो गए। इसके बाद दादा को पास के ही रेलवे ट्रैक पर ले जाकर फेंक दिया। अनुष्का ने बताया कि हमलोग पूरा परिवार चिल्लाते रहे शोर मचाते रहे लेकिन गांव वाले बचाने नहीं निकले। अनुष्का ने हमलावरों के नाम उजागर करते हुए बताया कि इस खूनी खेल में लवकुश कुमार, रोमांती देवी, महेश कुमार, शोभा देवी, टुनटुन मांझी और गुड्डू मांझी सीधे तौर पर शामिल थे। हमलावर चिल्ला रहे थे, “तुम ओझा-भगत हो, तुम मेरे बेटे को खा गए हो। अंधेरे की वजह से मशक्कत के बाद शव बरामद घटना की सूचना इलाके देर रात को ही चौकीदार ने मुफ्फसिल पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद डीएसपी सुनील कुमार पांडे के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल रात में ही मौके पर पहुंची। पुलिस को शुरुआत में अंधेरे की वजह से शव को ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब घंटे भर की सघन तलाशी अभियान के बाद, पुलिस ने देर रात करीब 1 बजे शांति नगर के पास ही स्थित रेलवे ट्रैक से राजेंद्र मांझी का क्षत-विक्षत शव बरामद किया। शव को देखने से पता चल रहा था कि हत्या के बाद साक्ष्यों को मिटाने और मामले को सुसाइड या ट्रेन हादसे का रूप देने के लिए शव को ट्रैक पर फेंका गया था। एक दंपति गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी डीएसपी सुनील कुमार पांडे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर सुरेंद्र मांझी और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
गयाजी में ओझा बताकर एक बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि नशे में धुत भीड़ ने बुधवार की देर रात अधेड़ को उसके घर से घसीटकर बाहर निकाला। सिर पर हमला किया, दोनों हाथ काटकर लाश को घटनास्थल से 500 मीटर दूर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। वारदात के दौरान मौजूद मृतक की 10 साल की पोती ने पूरी आंखोंदेखी दैनिक भास्कर को बताई। उसने कहा कि दादा को घसीटकर भीड़ ने बाहर निकाला। वे लोग अंधेरे में दादा की बेरहमी से पिटाई कर रहे थे। मैं सब कुछ देख रही थी, लेकिन कुछ नहीं कर पाई। घटना मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के सोहैपुर पंचायत के बंधुआ गांव के शांति नगर टोला की है। मृतक की पहचान 62 साल के राजेंद्र मांझी के रूप में हुई है। आरोप गांव के लोगों पर ही लगा है। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं दूसरी ओर अब तक पीड़ित पक्ष की ओर से कोई तहरीर थाने में नहीं दी गई है। उनका कहना है कि अंतिम संस्कार के बाद थाना में आवेदन दिया जाएगा। पहले घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला घटना बुधवार रात करीब 11 बजे की है। गांव के लोगों और मृतक राजेंद्र मांझी के परिजन के मुताबिक, गांव के ही कुछ लोग शराब के नशे में पूरी तरह धुत्त होकर राजेंद्र मांझी के घर पर हमला किया। हमले से पहले आरोपियों ने राजेंद्र मांझी पर ‘ओझगुनी’ जादू-टोना करने का आरोप लगाया। हमलावरों का मानना था कि राजेंद्र की ओर से किए गए जादू-टोने के कारण ही उनके परिवार के एक बच्चे की मौत हुई है। इसी सनक में उन्होंने राजेंद्र मांझी पर लाठी, डंडों और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। चश्मदीद पोती बोली- दादा को मारते रहे, मैं देखती रही, कुछ नहीं कर पाई वारदात के दौरान घटनास्थल पर मौजूद राजेंद्र मांझी की 10 साल की पोती अनुष्का कुमारी ने पूरी कहानी बयां की। अनुष्का ने बताया कि हम लोग रात में बैठकर खाना खा रहे थे। तभी सुरेंद्र मांझी का बेटा टुनटुन मांझी आया और कहने लगा कि तुमने सही-सही क्यों नहीं बताया। इसके बाद उसकी मम्मी और अन्य लोग आ गए। वे लोग दादा के हाथ, पैर और सिर पर बेरहमी से वार करने लगे। वे चिल्ला रहे थे कि इसे और मारो, इसे और मारो। उनके परिवार के सभी लोग आकर दादा को बुरी तरह पीटने लगे। अनुष्का ने बताया कि घर से महज 10 कदम दूर ले जाकर पहले हाथ काट दिया, फिर किसी धारदार हथियार से सिर पर वार कर दिया। अनुष्का ने बताया कि दादा लहलुहान हो गए। इसके बाद दादा को पास के ही रेलवे ट्रैक पर ले जाकर फेंक दिया। अनुष्का ने बताया कि हमलोग पूरा परिवार चिल्लाते रहे शोर मचाते रहे लेकिन गांव वाले बचाने नहीं निकले। अनुष्का ने हमलावरों के नाम उजागर करते हुए बताया कि इस खूनी खेल में लवकुश कुमार, रोमांती देवी, महेश कुमार, शोभा देवी, टुनटुन मांझी और गुड्डू मांझी सीधे तौर पर शामिल थे। हमलावर चिल्ला रहे थे, “तुम ओझा-भगत हो, तुम मेरे बेटे को खा गए हो। अंधेरे की वजह से मशक्कत के बाद शव बरामद घटना की सूचना इलाके देर रात को ही चौकीदार ने मुफ्फसिल पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद डीएसपी सुनील कुमार पांडे के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल रात में ही मौके पर पहुंची। पुलिस को शुरुआत में अंधेरे की वजह से शव को ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब घंटे भर की सघन तलाशी अभियान के बाद, पुलिस ने देर रात करीब 1 बजे शांति नगर के पास ही स्थित रेलवे ट्रैक से राजेंद्र मांझी का क्षत-विक्षत शव बरामद किया। शव को देखने से पता चल रहा था कि हत्या के बाद साक्ष्यों को मिटाने और मामले को सुसाइड या ट्रेन हादसे का रूप देने के लिए शव को ट्रैक पर फेंका गया था। एक दंपति गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी डीएसपी सुनील कुमार पांडे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर सुरेंद्र मांझी और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।


