औरंगाबाद में बुजुर्ग के खिलाफ केस करने थाने पहुंचा मासूम:शरारत करने पर लगाई थी फटकार, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

औरंगाबाद में बुजुर्ग के खिलाफ केस करने थाने पहुंचा मासूम:शरारत करने पर लगाई थी फटकार, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

औरंगाबाद में गांव के एक बुजुर्ग से नाराज होकर नौ साल का मासूम खुद शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंच गया। बच्चे का थाना पहुंचकर पंजी में खुद अपना नाम दर्ज करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मासूम की मासूमियत और हिम्मत को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। मामला गोह थाना क्षेत्र के देवहरा गांव का है। गांव निवासी पिंटू सोनी का नौ साल का बेटा राजकुमार सोनी अपने गांव के अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान गांव के ही एक बुजुर्ग ने उसे डांट दिया और कथित तौर पर मारने के लिए डंडा उठा लिया। बच्चे ने जब इसका विरोध किया और अपनी दादी से शिकायत की, तो बुजुर्ग उनकी दादी के साथ भी बहस करने लगा। इस घटना से राजकुमार काफी नाराज हो गया। घर वालों ने बुजुर्ग के खिलाफ केस करने से इनकार किया, तो खुद पहुंचा थाना घर पहुंचने के बाद उसने अपनी मां को पूरी घटना बताई और बुजुर्ग के खिलाफ थाने में शिकायत करने की बात कही। लेकिन उसकी मां ने बच्चे को समझाते हुए थाना जाने से मना कर दिया। इसके बावजूद राजकुमार अपनी जिद पर अड़ा रहा और बिना किसी को बताए घर के पास से ऑटो पकड़कर करीब आठ किलोमीटर दूर गोह थाना पहुंच गया। थाने पहुंचकर बच्चे ने पुलिसकर्मियों को पूरी घटना बताई। इतना ही नहीं, वह आगंतुक पंजी में खुद अपना नाम भी दर्ज करते नजर आया। जब पुलिसकर्मियों ने उससे पूछा कि वह थाने क्यों आया है, तो उसने मासूमियत से कहा कि गांव के एक बुजुर्ग ने उसकी दादी को गाली दी और उसे मारने दौड़ा, इसलिए वह शिकायत करने आया है। गांव में पुलिस पहुंची, तो घर वालों को चला पता इधर, बच्चे के पिता पिंटू सोनी ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी तब हुई जब पुलिस गांव पहुंची। उन्होंने कहा कि वह गांव में किराना दुकान चलाते हैं और उन्हें नहीं पता था कि उनका बेटा अकेले थाना चला गया है। बाद में पुलिस से पता चला कि बच्चे ने ही पुलिस को बुलाया है। गोह थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि बच्चे की शिकायत पर पुलिस गांव पहुंची और मामले की जानकारी ली। जांच में पता चला कि बच्चा जिद में घर से निकलकर ऑटो से थाना पहुंच गया था। पुलिस ने गांव में दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया और बच्चे को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया।इस घटना के बाद इलाके में बच्चे की हिम्मत और मासूमियत चर्चा का विषय बनी हुई है। औरंगाबाद में गांव के एक बुजुर्ग से नाराज होकर नौ साल का मासूम खुद शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंच गया। बच्चे का थाना पहुंचकर पंजी में खुद अपना नाम दर्ज करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मासूम की मासूमियत और हिम्मत को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। मामला गोह थाना क्षेत्र के देवहरा गांव का है। गांव निवासी पिंटू सोनी का नौ साल का बेटा राजकुमार सोनी अपने गांव के अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान गांव के ही एक बुजुर्ग ने उसे डांट दिया और कथित तौर पर मारने के लिए डंडा उठा लिया। बच्चे ने जब इसका विरोध किया और अपनी दादी से शिकायत की, तो बुजुर्ग उनकी दादी के साथ भी बहस करने लगा। इस घटना से राजकुमार काफी नाराज हो गया। घर वालों ने बुजुर्ग के खिलाफ केस करने से इनकार किया, तो खुद पहुंचा थाना घर पहुंचने के बाद उसने अपनी मां को पूरी घटना बताई और बुजुर्ग के खिलाफ थाने में शिकायत करने की बात कही। लेकिन उसकी मां ने बच्चे को समझाते हुए थाना जाने से मना कर दिया। इसके बावजूद राजकुमार अपनी जिद पर अड़ा रहा और बिना किसी को बताए घर के पास से ऑटो पकड़कर करीब आठ किलोमीटर दूर गोह थाना पहुंच गया। थाने पहुंचकर बच्चे ने पुलिसकर्मियों को पूरी घटना बताई। इतना ही नहीं, वह आगंतुक पंजी में खुद अपना नाम भी दर्ज करते नजर आया। जब पुलिसकर्मियों ने उससे पूछा कि वह थाने क्यों आया है, तो उसने मासूमियत से कहा कि गांव के एक बुजुर्ग ने उसकी दादी को गाली दी और उसे मारने दौड़ा, इसलिए वह शिकायत करने आया है। गांव में पुलिस पहुंची, तो घर वालों को चला पता इधर, बच्चे के पिता पिंटू सोनी ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी तब हुई जब पुलिस गांव पहुंची। उन्होंने कहा कि वह गांव में किराना दुकान चलाते हैं और उन्हें नहीं पता था कि उनका बेटा अकेले थाना चला गया है। बाद में पुलिस से पता चला कि बच्चे ने ही पुलिस को बुलाया है। गोह थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि बच्चे की शिकायत पर पुलिस गांव पहुंची और मामले की जानकारी ली। जांच में पता चला कि बच्चा जिद में घर से निकलकर ऑटो से थाना पहुंच गया था। पुलिस ने गांव में दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया और बच्चे को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया।इस घटना के बाद इलाके में बच्चे की हिम्मत और मासूमियत चर्चा का विषय बनी हुई है।  

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