अररिया के जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परमान सभागार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत पांडुलिपि संरक्षण, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा चापाकल मरम्मती एवं जलापूर्ति व्यवस्था, एलपीजी आपूर्ति तथा “जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार” अभियान की प्रगति और उपलब्धियों की जानकारी दी गई। जिला पदाधिकारी ने बताया कि ज्ञान भारतम् मिशन के तहत जिले में पांडुलिपियों के सर्वेक्षण का कार्य लगातार जारी है। अररिया जिले में अब तक कुल 176 पांडुलिपियों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि जिनके पास 75 वर्ष या उससे अधिक पुराने ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व की हस्तलिखित पांडुलिपियां उपलब्ध हैं, वे उनके सर्वेक्षण एवं पंजीकरण में सहयोग करें। उन्होंने यह भी बताया कि इस मिशन के अंतर्गत विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, मठों, मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों तथा पुस्तकालयों में उपलब्ध कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र और कपड़े आदि पर लिखित हस्तलिखित पांडुलिपियों की पहचान, सर्वेक्षण, कैटलॉगिंग और डिजिटलीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य इन अमूल्य धरोहरों को संरक्षित कर ज्ञान भारतम् पोर्टल एवं मोबाइल एप के माध्यम से वर्तमान और भावी पीढ़ियों के लिए उपलब्ध कराना है। खराब चापाकलों की सूचना दें जिला पदाधिकारी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल अररिया एवं फारबिसगंज के माध्यम से जिले में चापाकलों की मरम्मती की समुचित व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों प्रमंडलों के अंतर्गत कुल 9 चापाकल मरम्मती दलों का गठन किया गया है, जो शिकायत प्राप्त होने पर त्वरित कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने आम लोगों से खराब चापाकलों की सूचना उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। शिकायतों के निवारण को नियंत्रण कक्ष चापाकल मरम्मत संबंधी शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल, अररिया में एक सेवा केंद्र-सह-नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका संपर्क नंबर 06453-350024 है। इसी प्रकार, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल, फारबिसगंज के लिए 06455-450119 नंबर जारी किया गया है। नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था की जानकारी देते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिले में घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। साथ ही कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति भी अब सामान्य स्थिति में आ चुकी है तथा उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। “चिकित्सा आपके द्वार” कार्यक्रम प्रेस कॉन्फ्रेंस में “जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार” अभियान की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए जिला पदाधिकारी ने बताया कि पूर्व में संचालित “चिकित्सा आपके द्वार” कार्यक्रम का नाम परिवर्तित कर अब “जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार” किया गया है। यह अभियान जिले में गैर-संचारी रोगों की शीघ्र पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने की दिशा में एक अभिनव पहल है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें जिले के प्रत्येक गांव एवं प्रत्येक घर तक पहुंचकर 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। इसके अंतर्गत उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन), मधुमेह (ब्लड शुगर), ओरल कैंसर, स्तन कैंसर तथा गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की जांच की जा रही है। 1,04,970 व्यक्तियों की कैंसर स्क्रीनिंग
अभियान के तहत अब तक जिले में 3,56,407 व्यक्तियों की रक्तचाप (बीपी) जांच, 3,44,769 व्यक्तियों की मधुमेह (शुगर) जांच तथा 1,04,970 व्यक्तियों की कैंसर स्क्रीनिंग की जा चुकी है। स्क्रीनिंग के दौरान चिन्हित संदिग्ध मरीजों की पुनः जांच कर रोग की पुष्टि की जाती है। पुष्टि होने पर मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं तथा खान-पान, जीवनशैली में सुधार, नियमित दवा सेवन एवं फॉलो-अप संबंधी आवश्यक परामर्श दिया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर भी किया जाता है।
उन्होंने बताया कि अब तक अभियान के तहत 1,518 उच्च रक्तचाप, 1,208 मधुमेह तथा 100 से अधिक ओरल कैंसर के मरीजों की पुष्टि की जा चुकी है, जिनका उपचार एवं परामर्श जारी है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल स्क्रीनिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक संभावित मरीज को जांच, उपचार, परामर्श एवं नियमित फॉलो-अप से जोड़कर गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। जिला पदाधिकारी ने यह भी बताया कि अभियान के दायरे का विस्तार करते हुए अब एनीमिया जांच एवं मोतियाबिंद स्क्रीनिंग को भी शामिल किया गया है, ताकि समुदाय को और अधिक व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। अररिया के जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परमान सभागार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत पांडुलिपि संरक्षण, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा चापाकल मरम्मती एवं जलापूर्ति व्यवस्था, एलपीजी आपूर्ति तथा “जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार” अभियान की प्रगति और उपलब्धियों की जानकारी दी गई। जिला पदाधिकारी ने बताया कि ज्ञान भारतम् मिशन के तहत जिले में पांडुलिपियों के सर्वेक्षण का कार्य लगातार जारी है। अररिया जिले में अब तक कुल 176 पांडुलिपियों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि जिनके पास 75 वर्ष या उससे अधिक पुराने ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व की हस्तलिखित पांडुलिपियां उपलब्ध हैं, वे उनके सर्वेक्षण एवं पंजीकरण में सहयोग करें। उन्होंने यह भी बताया कि इस मिशन के अंतर्गत विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, मठों, मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों तथा पुस्तकालयों में उपलब्ध कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र और कपड़े आदि पर लिखित हस्तलिखित पांडुलिपियों की पहचान, सर्वेक्षण, कैटलॉगिंग और डिजिटलीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य इन अमूल्य धरोहरों को संरक्षित कर ज्ञान भारतम् पोर्टल एवं मोबाइल एप के माध्यम से वर्तमान और भावी पीढ़ियों के लिए उपलब्ध कराना है। खराब चापाकलों की सूचना दें जिला पदाधिकारी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल अररिया एवं फारबिसगंज के माध्यम से जिले में चापाकलों की मरम्मती की समुचित व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों प्रमंडलों के अंतर्गत कुल 9 चापाकल मरम्मती दलों का गठन किया गया है, जो शिकायत प्राप्त होने पर त्वरित कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने आम लोगों से खराब चापाकलों की सूचना उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। शिकायतों के निवारण को नियंत्रण कक्ष चापाकल मरम्मत संबंधी शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल, अररिया में एक सेवा केंद्र-सह-नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका संपर्क नंबर 06453-350024 है। इसी प्रकार, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल, फारबिसगंज के लिए 06455-450119 नंबर जारी किया गया है। नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था की जानकारी देते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिले में घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। साथ ही कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति भी अब सामान्य स्थिति में आ चुकी है तथा उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। “चिकित्सा आपके द्वार” कार्यक्रम प्रेस कॉन्फ्रेंस में “जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार” अभियान की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए जिला पदाधिकारी ने बताया कि पूर्व में संचालित “चिकित्सा आपके द्वार” कार्यक्रम का नाम परिवर्तित कर अब “जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार” किया गया है। यह अभियान जिले में गैर-संचारी रोगों की शीघ्र पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने की दिशा में एक अभिनव पहल है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें जिले के प्रत्येक गांव एवं प्रत्येक घर तक पहुंचकर 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। इसके अंतर्गत उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन), मधुमेह (ब्लड शुगर), ओरल कैंसर, स्तन कैंसर तथा गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की जांच की जा रही है। 1,04,970 व्यक्तियों की कैंसर स्क्रीनिंग
अभियान के तहत अब तक जिले में 3,56,407 व्यक्तियों की रक्तचाप (बीपी) जांच, 3,44,769 व्यक्तियों की मधुमेह (शुगर) जांच तथा 1,04,970 व्यक्तियों की कैंसर स्क्रीनिंग की जा चुकी है। स्क्रीनिंग के दौरान चिन्हित संदिग्ध मरीजों की पुनः जांच कर रोग की पुष्टि की जाती है। पुष्टि होने पर मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं तथा खान-पान, जीवनशैली में सुधार, नियमित दवा सेवन एवं फॉलो-अप संबंधी आवश्यक परामर्श दिया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर भी किया जाता है।
उन्होंने बताया कि अब तक अभियान के तहत 1,518 उच्च रक्तचाप, 1,208 मधुमेह तथा 100 से अधिक ओरल कैंसर के मरीजों की पुष्टि की जा चुकी है, जिनका उपचार एवं परामर्श जारी है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल स्क्रीनिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक संभावित मरीज को जांच, उपचार, परामर्श एवं नियमित फॉलो-अप से जोड़कर गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। जिला पदाधिकारी ने यह भी बताया कि अभियान के दायरे का विस्तार करते हुए अब एनीमिया जांच एवं मोतियाबिंद स्क्रीनिंग को भी शामिल किया गया है, ताकि समुदाय को और अधिक व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।


