मैनपुरी में सैनिक की जमीन पर अवैध कब्जा:पत्नी परिवार संग धरने पर बैठी, सदर एसडीएम से लगाई न्याय की गुहार

मैनपुरी में सैनिक की जमीन पर अवैध कब्जा:पत्नी परिवार संग धरने पर बैठी, सदर एसडीएम से लगाई न्याय की गुहार

मैनपुरी में एक सैनिक की जमीन पर कथित तौर पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। इस मामले में पीड़ित सैनिक की पत्नी अपने परिवार के साथ न्याय की गुहार लगाते हुए धरने पर बैठ गई हैं। यह घटना मैनपुरी के लालपुर मौजा सथिनी से संबंधित है। पीड़ित सैनिक की पत्नी धरने पर बैठी पीड़ित मधु ने बताया कि उनके पति सुरेश चंद्र सीमा सुरक्षा बल में त्रिपुरा में तैनात हैं। सुरेश चंद्र ने 23 अक्टूबर 2009 को रामशंकर पुत्र पुत्तू सिंह से लालपुर मौजा सथिनी स्थित गाटा संख्या 257 की 0.218 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी। मनोज कुमार (कपिलमुनि कोल्ड स्टोर, सिरसागंज के मालिक) की जमीन गाटा संख्या 984, मौजा औड़या मंडल, सैनिक की जमीन गाटा संख्या 257 से सटी हुई है। सैनिक की जमीन सिरसागंज रोड पर है, जबकि मनोज कुमार की जमीन सड़क से काफी पीछे स्थित है। पुलिस की मदद से निर्माण रुकवाया मनोज कुमार ने अपने कपिलमुनि कोल्ड स्टोर का नया निर्माण शुरू करते हुए सैनिक की गाटा संख्या 257 वाली जमीन पर बाउंड्री लगाना शुरू कर दिया। उस समय सुरेश चंद्र सीमा पर तैनात थे और उनकी पत्नी दिल्ली में थीं। घर से सूचना मिलने पर मधु ने पुलिस की मदद से निर्माण रुकवाया और मौके पर पहुंचकर मनोज कुमार के भाई कमलेश के साथ मेड़बंदी का समझौता किया। उप जिलाधिकारी न्यायालय ने कच्ची मेड़बंदी का आदेश दिया था। कानूनगो ने सुरेश चंद्र और मनोज कुमार की उपस्थिति में जमीन की पैमाइश की। इसमें मनोज कुमार को पता चला कि उनकी गाटा संख्या 984 वाली जमीन सड़क से काफी पीछे है। इसके बावजूद, जब सैनिक ड्यूटी पर थे और उनकी पत्नी दिल्ली में थीं, मनोज कुमार ने बड़ी संख्या में मजदूर और मिस्त्री लगाकर चिन्हित जमीन पर बाउंड्री और गेट लगाकर कथित तौर पर कब्जा कर लिया। लेखपाल को भी मौके पर भेजा सदर एसडीएम अभिषेक कुमार ने बताया कि मधु (सुरेश चंद्र की पत्नी) द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के बाद लेखपाल को भी मौके पर भेजा गया था। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के लिए कानून व्यवस्था को निर्देशित किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि जो भी लोग निर्माण कार्य कर रहे हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। न्यायालय के आदेश आने के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *