कानपुर देहात में डीएम कपिल सिंह ने आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की है। समीक्षा के बाद करीब 60 अधिकारियों का अगस्त माह का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है। इस कार्रवाई से कई विभागों में हलचल मच गई है। 19 अगस्त को हुई समीक्षा बैठक में शिकायतकर्ताओं के असंतुष्ट फीडबैक सामने आए। अधिकारियों द्वारा शिकायतकर्ताओं से संपर्क न करने और स्थलीय सत्यापन में भी लापरवाही पाई गई। शासन स्तर से प्राप्त फीडबैक के अनुसार, 52.08 प्रतिशत शिकायतकर्ता निस्तारण से असंतुष्ट थे। इसके अतिरिक्त, 29.45 प्रतिशत मामलों में शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं किया गया, जबकि 41.15 प्रतिशत मामलों में जांच या स्थलीय सत्यापन के लिए मौके पर नहीं जाया गया। डीएम ने इसे शासन की शीर्ष प्राथमिकता वाले कार्यों में गंभीर लापरवाही माना। उन्होंने 60 अधिकारियों का अगस्त माह का वेतन रोकने के साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के भी निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई की जद में बिजली, जल निगम, सिंचाई, आरईडी, बेसिक शिक्षा, समाज कल्याण, कृषि, खनन, वन और चकबंदी सहित कई विभागों के अधिकारी शामिल हैं। सभी विकासखंडों के बीडीओ, एडीओ पंचायत, नगरीय निकायों के अधिशासी अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारी भी प्रभावित हुए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, शिकायतकर्ता से संपर्क और आवश्यकता पड़ने पर मौके पर जाकर सत्यापन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

