इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। करीब पांच साल के लंबे इंतजार के बाद 500 बेड का नया अस्पताल लगभग पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है। करीब 280 करोड़ रुपए की लागत से बने छह मंजिला भवन पांच ब्लॉक में बंटा है, जिसके शुरू होने के बाद संस्थान की कुल बेड क्षमता बढ़कर करीब 1700 हो जाएगी। नए अस्पताल में सामान्य वार्ड के साथ ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, क्रिटिकल केयर यूनिट और जनरल इमरजेंसी जैसी सुविधाएं एक ही भवन में उपलब्ध होंगी। अस्पताल के शुरू होने से सबसे बड़ी राहत इमरजेंसी मरीजों को मिलेगी। नए भवन में 100 बेड की अलग इमरजेंसी बनाई गई है। 100 बेड का इमरजेंसी वार्ड, गंभीर मरीजों को मिलेगी सुविधा IGIMS में लंबे समय से इमरजेंसी बेड की कमी एक बड़ी समस्या थी, जिसके कारण गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में जाना पड़ता था। इस समस्या को दूर करने के लिए नए अस्पताल में 100 बेड का एक अलग इमरजेंसी वार्ड बनाया गया है। इस वार्ड में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था होगी, जहां डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मी लगातार निगरानी और उपचार प्रदान करेंगे। इसके अलावा, आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए 50 बेड का एक अलग आयुष्मान वार्ड भी बनाया गया है। इससे आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज कराने वाले मरीजों को भर्ती और उपचार में आसानी होगी। हर विभाग के लिए अलग वार्ड और ओपीडी 500 बेड के इस नए अस्पताल की खासियत यह होगी कि अलग-अलग विभागों को एक ही भवन में समग्र सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। संबंधित विभाग के लिए अपना वार्ड, ओपीडी, ओटी, क्रिटिकल केयर यूनिट और जनरल इमरजेंसी की व्यवस्था की गई है। विभाग से जुड़े डॉक्टर, नर्स और पारा मेडिकल स्टाफ भी उसी फ्लोर पर उपलब्ध रहेंगे। यहां 24 घंटे डॉक्टरों की ड्यूटी की व्यवस्था होगी। इससे मरीजों को इलाज के लिए एक विभाग से दूसरे विभाग तक जाने की जरूरत कम होगी और गंभीर स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता मिल सकेगी। बेड से ही लिया जाएगा पैथोलॉजी जांच का सैंपल नए अस्पताल में भर्ती मरीजों की पैथोलॉजिकल जांच को भी सुविधाजनक बनाया गया है। मरीजों को जांच के लिए अलग से ले जाने के बजाय उनके बेड से ही सैंपल कलेक्ट किया जाएगा। इससे गंभीर और चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों को विशेष सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही अस्पताल में रेडियोलॉजिकल जांच की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इससे भर्ती मरीजों की जरूरी जांच अस्पताल परिसर में ही कराई जा सकेगी। पांचवीं मंजिल पर मॉड्यूलर OT और ICU नए भवन में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। यहां मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, प्री-ऑपरेटिव और पोस्ट-ऑपरेटिव पेशेंट केयर, हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) और सर्जरी के बाद विशेष देखभाल के लिए रिकवरी ICU की व्यवस्था होगी। ऑपरेशन थिएटर और ICU की व्यवस्था भवन की पांचवीं मंजिल पर की गई है। सर्जरी से पहले और बाद में मरीजों की निगरानी और देखभाल के लिए अलग व्यवस्था होने से उपचार प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है। हर फ्लोर पर परिजनों के लिए वेटिंग हॉल मरीजों के साथ आने वाले परिजनों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। नए भवन के हर फ्लोर पर वेटिंग हॉल की व्यवस्था की गई है। इससे मरीज के इलाज के दौरान परिजनों को बैठने के लिए अलग स्थान मिलेगा। अस्पताल परिसर में बेहतर वातावरण के लिए पेड़-पौधे भी लगाए गए हैं। इससे कैंपस में हरियाली बढ़ाने के साथ मरीजों और उनके परिजनों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने की कोशिश की गई है। 1700 बेड होने से बढ़ेगी इलाज की क्षमता 500 बेड के नए अस्पताल के शुरू होने के बाद IGIMS में कुल बेड की संख्या करीब 1700 हो जाएगी। राजधानी पटना के साथ-साथ बिहार के अलग-अलग जिलों से गंभीर मरीज इलाज के लिए IGIMS पहुंचते हैं। ऐसे में बेड की संख्या बढ़ने से संस्थान की भर्ती क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। खासकर इमरजेंसी में 100 अतिरिक्त बेड और आयुष्मान मरीजों के लिए अलग 50 बेड की व्यवस्था से मरीजों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे इंतजार के बाद तैयार हुआ यह नया अस्पताल IGIMS की स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। करीब पांच साल के लंबे इंतजार के बाद 500 बेड का नया अस्पताल लगभग पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है। करीब 280 करोड़ रुपए की लागत से बने छह मंजिला भवन पांच ब्लॉक में बंटा है, जिसके शुरू होने के बाद संस्थान की कुल बेड क्षमता बढ़कर करीब 1700 हो जाएगी। नए अस्पताल में सामान्य वार्ड के साथ ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, क्रिटिकल केयर यूनिट और जनरल इमरजेंसी जैसी सुविधाएं एक ही भवन में उपलब्ध होंगी। अस्पताल के शुरू होने से सबसे बड़ी राहत इमरजेंसी मरीजों को मिलेगी। नए भवन में 100 बेड की अलग इमरजेंसी बनाई गई है। 100 बेड का इमरजेंसी वार्ड, गंभीर मरीजों को मिलेगी सुविधा IGIMS में लंबे समय से इमरजेंसी बेड की कमी एक बड़ी समस्या थी, जिसके कारण गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में जाना पड़ता था। इस समस्या को दूर करने के लिए नए अस्पताल में 100 बेड का एक अलग इमरजेंसी वार्ड बनाया गया है। इस वार्ड में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था होगी, जहां डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मी लगातार निगरानी और उपचार प्रदान करेंगे। इसके अलावा, आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए 50 बेड का एक अलग आयुष्मान वार्ड भी बनाया गया है। इससे आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज कराने वाले मरीजों को भर्ती और उपचार में आसानी होगी। हर विभाग के लिए अलग वार्ड और ओपीडी 500 बेड के इस नए अस्पताल की खासियत यह होगी कि अलग-अलग विभागों को एक ही भवन में समग्र सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। संबंधित विभाग के लिए अपना वार्ड, ओपीडी, ओटी, क्रिटिकल केयर यूनिट और जनरल इमरजेंसी की व्यवस्था की गई है। विभाग से जुड़े डॉक्टर, नर्स और पारा मेडिकल स्टाफ भी उसी फ्लोर पर उपलब्ध रहेंगे। यहां 24 घंटे डॉक्टरों की ड्यूटी की व्यवस्था होगी। इससे मरीजों को इलाज के लिए एक विभाग से दूसरे विभाग तक जाने की जरूरत कम होगी और गंभीर स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता मिल सकेगी। बेड से ही लिया जाएगा पैथोलॉजी जांच का सैंपल नए अस्पताल में भर्ती मरीजों की पैथोलॉजिकल जांच को भी सुविधाजनक बनाया गया है। मरीजों को जांच के लिए अलग से ले जाने के बजाय उनके बेड से ही सैंपल कलेक्ट किया जाएगा। इससे गंभीर और चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों को विशेष सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही अस्पताल में रेडियोलॉजिकल जांच की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इससे भर्ती मरीजों की जरूरी जांच अस्पताल परिसर में ही कराई जा सकेगी। पांचवीं मंजिल पर मॉड्यूलर OT और ICU नए भवन में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। यहां मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, प्री-ऑपरेटिव और पोस्ट-ऑपरेटिव पेशेंट केयर, हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) और सर्जरी के बाद विशेष देखभाल के लिए रिकवरी ICU की व्यवस्था होगी। ऑपरेशन थिएटर और ICU की व्यवस्था भवन की पांचवीं मंजिल पर की गई है। सर्जरी से पहले और बाद में मरीजों की निगरानी और देखभाल के लिए अलग व्यवस्था होने से उपचार प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है। हर फ्लोर पर परिजनों के लिए वेटिंग हॉल मरीजों के साथ आने वाले परिजनों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। नए भवन के हर फ्लोर पर वेटिंग हॉल की व्यवस्था की गई है। इससे मरीज के इलाज के दौरान परिजनों को बैठने के लिए अलग स्थान मिलेगा। अस्पताल परिसर में बेहतर वातावरण के लिए पेड़-पौधे भी लगाए गए हैं। इससे कैंपस में हरियाली बढ़ाने के साथ मरीजों और उनके परिजनों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने की कोशिश की गई है। 1700 बेड होने से बढ़ेगी इलाज की क्षमता 500 बेड के नए अस्पताल के शुरू होने के बाद IGIMS में कुल बेड की संख्या करीब 1700 हो जाएगी। राजधानी पटना के साथ-साथ बिहार के अलग-अलग जिलों से गंभीर मरीज इलाज के लिए IGIMS पहुंचते हैं। ऐसे में बेड की संख्या बढ़ने से संस्थान की भर्ती क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। खासकर इमरजेंसी में 100 अतिरिक्त बेड और आयुष्मान मरीजों के लिए अलग 50 बेड की व्यवस्था से मरीजों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे इंतजार के बाद तैयार हुआ यह नया अस्पताल IGIMS की स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

