IgA Nephropathy क्या है? मेयो क्लिनिक ने बताया किडनी की इस बीमारी के लक्षणों को न करें नजरअंदाज

IgA Nephropathy क्या है? मेयो क्लिनिक ने बताया किडनी की इस बीमारी के लक्षणों को न करें नजरअंदाज

IgA Nephropathy Symptoms: हमारे शरीर में किडनियां (वृक्क) फिल्टर की तरह काम करती हैं। ये खून को साफ करके टॉक्सिन्स यानी जहरीले तत्वों और फालतू पानी को पेशाब के रास्ते बाहर निकालने में मदद करती हैं। लेकिन क्या हो जब शरीर का अपना ही सुरक्षा कवच (इम्यून सिस्टम) किडनी पर हमला कर दे? ऐसी ही एक स्थिति को मेडिकल भाषा में IgA नेफ्रोपैथी (IgA Nephropathy) कहा जाता है। इसे बर्गर बीमारी (Berger’s disease) के नाम से भी जाना जाता है। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) और मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, यह किडनी से जुड़ी एक गंभीर और धीरे-धीरे बढ़ने वाली बीमारी है। शुरुआती दौर में इसके लक्षण बहुत मामूली होते हैं, लेकिन अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह किडनी को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। आइए समझते हैं कि IgA नेफ्रोपैथी क्या है, इसके क्या लक्षण हैं और यह किडनी को कैसे प्रभावित करती है।

IgA नेफ्रोपैथी आखिर क्या होती है?

IgA (Immunoglobulin A) एक प्रकार का एंटीबॉडी (प्रोटीन) होता है, जिसे हमारा इम्यून सिस्टम बैक्टीरिया और वायरस जैसे इन्फेक्शंस से लड़ने के लिए बनाता है। लेकिन IgA नेफ्रोपैथी होने पर यह IgA एंटीबॉडी सही तरीके से काम करने के बजाय किडनी के अंदर मौजूद छोटे-छोटे छलनियों (ग्लोमेरुली – Glomeruli) में जमा होने लगता है। जब ये एंटीबॉडी वहां जमा होते हैं, तो वहां सूजन (inflammation) आ जाती है। सूजन की वजह से किडनी खून को सही से साफ करने की क्षमता खोने लगती है और पेशाब में खून व प्रोटीन छनकर बाहर निकलने लगता है।

IgA नेफ्रोपैथी के मुख्य लक्षण

इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि यह बहुत धीमी रफ्तार से बढ़ती है। कई सालों तक इंसान को पता ही नहीं चलता कि उसकी किडनी में कोई समस्या चल रही है। हालांकि, जब बीमारी थोड़ी बढ़ती है, तो शरीर में ये लक्षण दिखाई देने लगते हैं;

  • चाय या कोला जैसा पेशाब आना।
  • पेशाब में झाग आना (Proteinuria)।
  • शरीर में सूजन (Edema)।
  • हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप)।
  • कमर या पीठ के निचले हिस्से में दर्द।
  • हर वक्त थकान और सुस्ती।

यह बीमारी क्यों होती है और किसे ज्यादा खतरा है?

डॉक्टरों के मुताबिक यह एक ऑटोइम्यून समस्या (Autoimmune Condition) है। यानी शरीर का अपना इम्यून सिस्टम ही गलती से किडनी को नुकसान पहुंचाने लगता है। इसके मुख्य कारण और जोखिम;

  • पारिवारिक इतिहास।
  • यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन यह पुरुषों और युवाओं (10 से 30 वर्ष के बीच) में अधिक देखने को मिलती है।
  • इन्फेक्शन ट्रिगर्स।

अगर ध्यान न दें तो क्या जटिलताएं हो सकती हैं?

IgA नेफ्रोपैथी हर व्यक्ति को एक तरह से प्रभावित नहीं करती। कुछ लोगों में यह बहुत धीरे-धीरे बढ़ती है, जबकि कुछ मामलों में यह किडनी को ज्यादा नुकसान पहुंचाती है;

  • क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD)।
  • किडनी फेलियर (End-Stage Renal Disease)।
  • हाइपरटेंशन।

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