Baby Eczema: बच्चे के चेहरे और सिर पर खुजली-लाल चकत्ते? जानिए नेशनल एक्जिमा एसोसिएशन के अनुसार बेबी एक्जिमा के लक्षण

Baby Eczema: बच्चे के चेहरे और सिर पर खुजली-लाल चकत्ते? जानिए नेशनल एक्जिमा एसोसिएशन के अनुसार बेबी एक्जिमा के लक्षण

Baby Eczema Symptoms: छोटे बच्चों की त्वचा बहुत ही नाजुक और कोमल होती है। ऐसे में अगर बच्चे के चेहरे, गालों या सिर पर लाल-लाल चकत्ते दिखने लगें और बच्चा लगातार चिड़चिड़ा होकर रोने लगे, तो माता-पिता का परेशान होना लाजमी है। कई बार पेरेंट्स इसे आम घमौरी, रैश या एलर्जी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यह बेबी एक्जिमा (Baby Eczema) या एटोपिक डर्मेटाइटिस (Atopic Dermatitis) हो सकता है। नेशनल एक्जिमा एसोसिएशन (National Eczema Association) के मुताबिक, बेबी एक्जिमा शिशुओं में पाई जाने वाली एक बहुत ही आम रंग-रूप वाली स्किन कंडीशन है। सही समय पर इसकी पहचान और देखभाल से बच्चे को इस तकलीफ से राहत दिलाई जा सकती है। आइए समझते हैं कि बेबी एक्जिमा क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और आप घर पर बच्चे का ध्यान कैसे रख सकते हैं।

बेबी एक्जिमा आखिर होता क्या है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, एक्जिमा त्वचा की एक ऐसी स्थिति है, जिसमें स्किन की ऊपरी सुरक्षात्मक परत (Skin Barrier) कमजोर हो जाती है। जब यह परत सही से काम नहीं करती, तो त्वचा की नमी बहुत तेजी से बाहर निकल जाती है और स्किन सूखी (Dry) हो जाती है। सूखी त्वचा पर बाहर की धूल-मिट्टी, साबुन या कोई भी चीज बहुत जल्दी असर करती है, जिससे स्किन में जलन, लालिमा और तेज खुजली होने लगती है। यह बीमारी एक इंसान से दूसरे में फैलने वाली (संक्रामक) बिल्कुल नहीं होती, इसलिए इससे डरने की जरूरत नहीं है।

छोटे बच्चों में एक्जिमा के मुख्य लक्षण

अलग-अलग उम्र के बच्चों में एक्जिमा के निशान अलग-अलग जगहों पर दिखते हैं। अगर बच्चे को एक्जिमा है, तो आपको ये लक्षण देखने को मिल सकते है;

  • चेहरे और गालों पर लाल चकत्ते।
  • सिर पर पपड़ी जमना।
  • त्वचा का बहुत ज्यादा सूखा होना।
  • घुटनों और कुहनियों पर रैशेज।
  • इन्फेक्शन का खतरा।

बच्चे को एक्जिमा क्यों होता है?

    • जेनेटिक्स (पारिवारिक इतिहास)।
    • त्वचा की नमी खत्म होना।
    • ट्रिगर्स (उकसाने वाली चीजें)।

    एक्जिमा से बच्चे को राहत दिलाने के उपाय

    • मॉइस्चराइजर का सही इस्तेमाल- नहलाने के तुरंत बाद (जब त्वचा थोड़ी नम हो), 3 मिनट के अंदर बच्चे के पूरे शरीर पर कोई अच्छा, बिना खुशबू वाला (Fragrance-Free) और गाढ़ा मॉइस्चराइजर या वैसलीन लगाएं। दिन में 2 से 3 बार मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं।
    • नहलाने का तरीका बदलें- बच्चे को बहुत गर्म पानी के बजाय गुनगुने पानी से नहलाएं। नहाने का समय 5 से 10 मिनट से ज्यादा न रखें। नहाने के लिए हमेशा माइल्ड और केमिकल-फ्री सोप का इस्तेमाल करें।
    • सूती और ढीले कपड़े पहनाएं- बच्चे को हमेशा 100% कॉटन (सूती) के ढीले कपड़े पहनाएं। ऊनी या सिंथेटिक कपड़े सीधे बच्चे की स्किन को न छूने दें, क्योंकि इनसे खुजली बढ़ती है।
    • नाखून छोटे रखें- बच्चा खुजली के चक्कर में खुद की स्किन को छील न ले, इसलिए उसके नाखून हमेशा काटकर और साफ रखें। सोते समय हाथों में सूती दस्ताने (Mittens) भी पहना सकते हैं।
    • कपड़े धोने का डिटर्जेंट ध्यान से चुनें- बच्चे के कपड़े धोने के लिए बिना खुशबू वाले डेलिकेट डिटर्जेंट का इस्तेमाल करें और कपड़ों को पानी से अच्छे से खंगालें।

    डॉक्टर से परामर्श कब लेना चाहिए?

    अगर घर पर मॉइस्चराइजर लगाने के बाद भी बच्चे के लाल चकत्ते कम नहीं हो रहे हैं, खुजली के कारण बच्चा रात भर सो नहीं पा रहा है, या चकत्तों में से पीला पानी/पस निकल रहा हो और बच्चे को बुखार आ जाए, तो तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) या स्किन के डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर कुछ हल्की मेडिकेटेड क्रीम या ऑइंटमेंट की सलाह दे सकते हैं।

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