धार के ऐतिहासिक मूंज तालाब का प्रमुख जलमार्ग रेलवे निर्माण कार्य के कारण बाधित हो गया है। इससे आगामी मानसून में तालाब के भरने को लेकर चिंता बढ़ गई है। मूंज तालाब शहर के साढ़े बारह तालाबों में शामिल है और जल संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। कालूखेड़ी नाले का रास्ता हुआ बंद वर्तमान में मूंज तालाब में करीब 30 से 40 प्रतिशत पानी मौजूद है। तालाब में पानी पहुंचाने वाला प्रमुख स्रोत कालूखेड़ी नाला है, लेकिन रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक विस्तार और अंडरपास निर्माण के दौरान नाले के दोनों ओर मिट्टी डाल दिए जाने से पानी का प्रवाह बाधित हो गया है। इससे मानसून के दौरान तालाब में पानी की आवक प्रभावित होने की आशंका है। मानसून से पहले समाधान नहीं हुआ तो बढ़ेगी परेशानी स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बारिश शुरू होने से पहले जलमार्ग को नहीं खोला गया, तो इस बार तालाब का पूरी तरह भरना मुश्किल हो सकता है। वहीं, इस वर्ष मानसून की अवधि कम रहने की संभावना जताई जा रही है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। भूजल स्तर बनाए रखने में अहम है मूंज तालाब मूंज तालाब शहर के हजारों नलकूपों और भूजल स्तर को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि तालाब पर्याप्त नहीं भरा, तो आने वाले समय में शहर को जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी इसी तरह की स्थिति बनी थी। तब शहरवासियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद क्षेत्रीय पार्षद सुमित्रा संजय मकवाना ने कलेक्टर को कई आवेदन दिए थे। एसडीएम ने मौके का निरीक्षण कर रेलवे अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए थे। बाद में तेज बारिश के दौरान रेलवे विभाग ने जलमार्ग को व्यवस्थित कर खोल दिया था, जिससे तालाब पूरी तरह भर गया था। इस बार भी रेलवे विभाग ने आश्वासन दिया है कि वर्षा शुरू होने से पहले नाले को व्यवस्थित कर पानी की आवक का मार्ग खोल दिया जाएगा। अब शहरवासियों की निगाहें इस काम के समय पर पूरा होने पर टिकी हैं।


