‘शौहर और उनके भाई मेरे मायके से पैसा लेकर कारोबार में लगाते रहे। अब ये रकम 4 करोड़ हो गई है। ससुरालियों की मेरे भाइयों के पैसे पर नीयत खराब है। वो रकम नहीं लौटाना चाहते। शौहर अपने भाइयों के कहने में हैं, इसकी वजह से हमारा घर बर्बाद हो गया। तलाक वाली बात एकदम गलत है। मुझे ससुरालवालों ने केवल घर से निकाला है। मैं अपने पति और बेटियों के बिना नहीं रह सकती। बेटियों से मिलने को तरस रही हूं। मेरी दुधमुंही बेटी 5 दिनों से परेशान है।’ ये कहना है बसपा सरकार में मंत्री रहे हाजी याकूब कुरैशी की भतीजी जैबा परवीन का। जैबा परवीन ने सीएम योगी और पीएम मोदी से मदद की गुहार लगाई है। आरोप है कि उसे घर से निकाल दिया गया, बहाने से मेरठ भेज दिया गया। जैबा ने कहा कि ‘मेरी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। मुझे न्याय चाहिए। दैनिक भास्कर ने जैबा से फोन पर बातचीत की तो उसने अपना पूरा दर्द बताया… फोन पर दिया तीन तलाक पूर्व बसपा सांसद हाजी याकूब कुरैशी के भाई हाजी इरफान कुरैशी की बेटी जैबा परवीन को उनके शौहर ने फोन पर तीन तलाक दे दिया। आरोप है कि फोन पर ही तीन बार ‘तलाक’ कहकर वैवाहिक संबंध खत्म कर दिए गए। इसके बाद उनको मुजफ्फरनगर स्थित ससुराल में घुसने से भी रोक दिया गया। 6 साल पहले हुई थी शादी जैबा परवीन ने बताया कि 6 साल पहले 2020 में मेरी शादी मुजफ्फरनगर के खालापार के रहने वाले चमड़ा कारोबारी मरहूम हाजी माफिज के बेटे हाजी फराज के साथ हुई थी। मेरे ससुर का पहले ही स्वर्गवास हो चुका है। मेरे पति छह भाई हैं। इसमें तीसरे नंबर पर मेरे पति हैं। ससुराल में पूरी फैमिली एक साथ रहती है। शादी के लगभग 2 साल तक सब सही चलता रहा। लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे माहौल बिगड़ने लगा। पैसे के लेनदेन पर बिगड़ी बात जैबा परवीन ने बताया कि शादी के बाद शुरुआती दिनों में सबकुछ सामान्य चल रहा था। करीब चार साल बाद मनमुटाव शुरू हो गया और स्थिति बदलने लगी। मनमुटाव की मेन वजह पैसा है। अचानक मेरे ससुरालवालों का बिजनेस ढप पड़ गया। तब व्यापार के लिए रकम की जरुरत थी। शौहर और ससुरालवालों ने मिलकर मेरे मायके में भाइयों से पैसे लेना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे करके मेरे घरवालों से पैसा लेकर बिजनेस में लगाते रहे। मुर्गीदाने का काम शुरू किया। यही पैसा बढ़-बढ़कर आज 4 करोड़ तक हो चुका है, जिसे ससुरालवाले देने को राजी नहीं हैं। मेरे घरवालों ने जब पैसा मांगना शुरू किया तो घर में कलह होने लगी। मेरे ससुराली, पति के भाई ये पैसा लौटाना नहीं चाहते। बस यहीं से झगड़ा शुरू हो गया। जैबा परवीन ने बताया कि ससुरालियों की मेरे भाइयों के पैसे पर नीयत खराब है। वो ये रकम देना नहीं चाहते। जब मेरे पति पैसों के लिए कहते तो उन लोगों ने मेरे पति को भर दिया। उनके मन में मेरे लिए गलत बातें डाल दीं इसलिए मेरे पति ने मुझे घर से निकाल दिया। वो अपने भाइयों के कहने में हैं। इसकी वजह से हमारा घर बर्बाद हो गया है। याकूब कुरैशी हैं दूर के रिश्तेदार बसपा नेता और पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी मेरे दूर के रिश्तेदार हैं। वो रिश्तेदारी में मेरे चाचा लगते हैं। इससे ज्यादा हमारा उनसे कोई ताल्लुक नहीं है। मेरा निकाह परिवार की मर्जी से हुआ था। अरेंज मैरिज हुई थी। इसमें कोई लवमैरिज जैसा नहीं है। लेकिन अब मेरे जेठ, देवरों के कारण सब खराब हो रहा है। मुझे अपने घर में अंदर लौटना है। जैबा बोलीं- पति से तलाक की बात अफवाह जैबा परवीन ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि ‘मेरे पति ने मुझे कोई तीन तलाक नहीं दिया है, तलाक वाली बात एकदम गलत है। मुझे ससुरालवालों ने केवल घर से निकाला है। मुझे घर में एंट्री नहीं दी जा रही है। लेकिन फोन पर तलाक कहना, तीन तलाक देना ऐसा कुछ नहीं हुआ। मेरे पति बहुत अच्छे हैं। उन्होंने मुझे तलाक नहीं दिया है। ये सब गलत बातें हैं।’ घर में वापस जाना चाहती हूं जैबा ने कहा कि मैं अपने पति, बेटियों से बहुत प्यार करती हूं। मैं उनके बिना जी नहीं सकती। मेरे पति भी मुझे बहुत चाहते हैं लेकिन वो अपने भाइयों के कहने में हैं। उनके बहकावे में आकर उन्होंने मुझे घर से बाहर कर दिया है। वो मुझे भाइयों के कारण ही वापस नहीं ले रहे हैं। इसकी वजह से हमारा घर बर्बाद हो रहा है। मैं अपने ससुराल में अपने परिवार के बीच वापस जाना चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि मैं अपने ससुराल में ही रहूं, वो मुझे वापस ले लें। इससे ज्यादा में कुछ नहीं चाहती। मुझे अपनी बेटियों के पास पति के पास जाना है। मेरे ससुरालवाले पति को बहकाकर हमें दूर कर रहे हैं।’ दुधमुंही बच्ची को भी हो रही परेशानी जैबा ने बताया कि उसके दो बेटियां हैं। एक बेटी तो डेढ़ से दो साल की है जो अभी मां के दूध पर निर्भर है। बच्ची से अलग होने के कारण हम दोनों मां, बेटी परेशान हैं। बच्ची को दूध नहीं मिल रहा। मुझे भी दिक्कत हो रही है। लेकिन घरवाले इस परेशानी को समझ नहीं रहे हैं। जैबा ने कहा कि मेरी दोनों बेटियां अंदर ससुरालवालों के पास हैं। मुझे यहां घर से निकाला है, मैं बाहर हूं। मां, बेटियों को जुदा कर दिया है इससे काफी दिक्कत हो रही है। फिल्मी है हाजी याकूब कुरैशी की कहानी जैबा परवीन जिस हाजी याकूब कुरैशी को दूर का चाचा बता रही हैं, उनकी कहानी किसी फिल्म की तरह है। एक वक्त था जब वो साइकिल से कभी नींबू तो कभी गुड़ बेचते थे। बाद में उनके दिन बदलते चले गए। हाजी याकूब ने नगर पालिका मेरठ के मेले का ठेका लिया तो वर्ष 1995-96 में सभासद चुने गए और फिर डिप्टी मेयर बन गए। 2002 की बसपा सरकार में याकूब का यह सफर खरखौदा से जीतने के बाद राज्यमंत्री बनने तक रहा। वर्ष 2016 में याकूब ने सिटी अस्पताल भी खरीद लिया। वर्ष 2007 में याकूब ने यूडीएफ नाम से अपनी पार्टी बनाई और मेरठ शहर सीट से विधायक भी चुने गए। जीत के बाद उन्होंने यूडीएफ का बसपा में विलय कर दिया। याकूब कुरैशी राजनीति में दलित और मुस्लिम गठजोड़ के दम पर वोट बटोरने में कामयाब होते रहे। याकूब ने मेरठ शहर, मेरठ दक्षिण, खरखौदा से विधानसभा और मुरादाबाद से लोकसभा का चुनाव लड़ा था। ———————- ये खबर भी पढ़ें… पूर्व सांसद की भतीजी को फोन पर दिया तीन तलाक:ससुराल में घुसने से रोका, व्यापार के नाम पर 4 करोड़ लेने का आरोप मुजफ्फरनगर में पूर्व बसपा सांसद हाजी याकूब कुरैशी की भतीजी जैबा परवीन ने अपने पति पर फोन पर ‘तीन तलाक’ देने और ससुराल में प्रवेश से रोकने का आरोप लगाया है। जैबा परवीन का निकाह वर्ष 2020 में मुजफ्फरनगर के खालापार निवासी चमड़ा कारोबारी हाजी फराज के साथ हुआ था। शुरुआती दौर में सब सामान्य रहा। विवाद तब गहराया जब जैबा के परिवार ने आरोप लगाया कि फराज ने व्यापार के नाम पर जैबा के भाई से लगभग 4 करोड़ रुपये उधार लिए, जो अब तक वापस नहीं किए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर


