जबलपुर के बरेला थाना क्षेत्र के जुनवानी कंचनपुर टोला में 10वीं कक्षा में पढ़ रही 15 साल की बालिका का विवाह समय रहते रुकवा दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने 20 अप्रैल को प्रस्तावित विवाह को कार्रवाई कर निरस्त कराया। सेक्टर पर्यवेक्षक नीरजा वर्मा को बाल विवाह की सूचना मिलने पर टीम गांव पहुंची। जांच में आधार कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी 2012 और जन्म प्रमाण पत्र में 29 जनवरी 2011 दर्ज मिली, जिससे बालिका की उम्र करीब 15 वर्ष पाई गई। टीम में कई अधिकारी रहे शामिल कार्रवाई में सेक्टर पर्यवेक्षक नीरजा वर्मा, पर्यवेक्षक चंद्रकांता पटेल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दीप्ति विदेही, सहायिका भारती मेहरा, ग्राम सचिव नंदलाल झारिया और बरेला थाना के कांस्टेबल प्रिंस कुमार पटेल शामिल रहे। टीम ने बालिका की मां, बड़ी मां और दादी को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी दी। बताया गया कि बाल विवाह कराने पर दो साल तक की सजा और एक लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई संभव अधिकारियों ने बताया कि मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। विवाह में शामिल पंडित, नाई और बैंड संचालकों पर भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। समझाइश के बाद परिवार ने लिखित में आश्वासन दिया कि बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही किया जाएगा। लड़के पक्ष से भी सहमति ली गई। बालिका को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित अधिकारियों ने बालिका को शिक्षा जारी रखने के लिए प्रेरित किया। वह वर्तमान में 10वीं कक्षा की छात्रा है और लाड़ली लक्ष्मी योजना की हितग्राही है।


