हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के चेयरमैन आलोक वर्मा का 6 साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। भारतीय वन सेवा (IFS) से वीआरएस लेकर 23 अक्टूबर 2020 को पद संभालने वाले आलोक वर्मा की पूरी पारी उपलब्धियों से ज्यादा भर्ती प्रक्रियाओं के ढर्रे और गंभीर विवादों को लेकर चर्चा में रही। आलोक वर्मा के कार्यकाल के दौरान HPSC ने विभिन्न विभागों (जैसे HCS, असिस्टेंट प्रोफेसर, पीजीटी, मेडिकल ऑफिसर, कृषि विकास अधिकारी, लेक्चरर आदि) के लिए लगभग करीब 10 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। इनमें से लगभग 4,500 अभ्यर्थियों का ही अंतिम चयन हो सका और उन्हें नौकरियां मिलीं। जिसका मुख्य कारण 35 प्रतिशत क्राइटेरिया रहा। अब जानिए, नियुक्ति से अब तक के विवाद..

