NEET फर्जीवाड़े में दिल्ली पुलिस ने RJD नेता संतोष जायसवाल को दिल्ली से अरेस्ट किया है। उसकी निशानदेही पर एक होटल से 20 बच्चों को मुक्त कराया गया है। जायसवाल के साथ 3 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। NEET फर्जीवाड़े में जिस संतोष जायसवाल को पुलिस किंगपिन मान रही है वो बिहार के मोतिहारी का रहने वाला है। उसके पिता कभी मोतिहारी के सिनेमाहॉल में ऑपरेटर की नौकरी करते थे। आज संतोष जायसवाल के पास मोतिहारी से लेकर दिल्ली के सबसे पॉश इलाके में से एक ईस्ट ऑफ कैलाश में हवेली है। एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पढ़िए, कैसे पढ़ाई के लिए पटना आया संतोष NEET परीक्षा का सेटर बन गया? कैसे RJD की सियासत में इसने खुद को सेट किया? पहले 1990 की परीक्षा की सेटिंग इंजन और बोगी मॉड्यूल की कहानी मेडिकल परीक्षा का सेटर स्कॉलर्स/सॉल्वर्स को ‘इंजन’ के रूप में और पैसे देने वाले कैंडिडेट्स को ‘बोगी’ के रूप में इस्तेमाल करता था। उम्मीदवारों से एक साथ आवेदन करवाया जाता था ताकि उनके रोल नंबर लगातार क्रम में आएं। वे एक ही परीक्षा हॉल में बैठ सकें। परीक्षा हॉल में ‘इंजन’ (सॉल्वर) अपने पीछे बैठे ‘बोगी’ (कैंडिडेट्स) को जवाब इशारों में या बोलकर बता देता था। परीक्षा से एक रात पहले कैंडिडेट्स को एक होटल के कमरे में बंद कर दिया जाता था। उन्हें उत्तर रटाया जाता था। सेटर के भरोसेमंद साथी अगली सुबह सभी कैंडिडेट्स को परीक्षा केंद्र पर छोड़ देते थे। वह बाद में किसी भी धोखाधड़ी को रोकने के लिए उनके एडमिट कार्ड अपने पास रख लेता था। परीक्षा से पहले पोस्ट-डेटेड चेक और स्टूडेंट्स के सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट को अपने पास रख लेता था। बाद में तय डील के हिसाब से नकद में पूरा पैसा मिलने के बाद सब कुछ लौटा देता था। अब दिल्ली में पकड़े गए NEET के किंगपिन का मॉड्यूल जानिए दिल्ली पुलिस की तरफ से जारी जानकारी के मुताबिक 2 मई को सूरत पुलिस की मदद से NEET पेपर में बड़ी धांधली की इनपुट मिली। दिल्ली पुलिस महिपापलपुर के 100 होटल में रेड मार कर तीन आरोपी को गिरफ्तार किया। यहां से पुलिस को मास्टर माइंड संतोष जायसवाल का पता मिला। संतोष की गिरफ्तारी और निशानदेही पर गाजियाबाद के एक होटल से 20 NEET एस्पिरेंट्स और कई बच्चों के ओरिजिनल डॉक्यूमेंट और ब्लैंक चेक मिले। दिल्ली पुलिस के मुताबिक NEET-2026 की 3 मई को आयोजित होने वाली परीक्षा से एक दिन पहले सभी एस्पिरेंट्स को एक होटल में रखकर कुछ सवाल याद कराए जा रहे थे। ऐसा दावा किया जा रहा था कि यही सवाल NEET की परीक्षा में पूछे जाएंगे। अब कहानी, सेटर से नेता और अब माफिया बने संतोष जायसवाल की पिता सिनेमा हॉल में ऑपरेटर की नौकरी कर चलाते थे घर मोतिहारी के घोड़ासहन प्रखंड के लैन बसवरिया गांव का संतोष जायसवाल 4 भाइयों में सबसे बड़ा है। घर की आर्थिक स्थिति बेहद सामान्य थी। तब पिता सिनेमा हॉल (अमृता पैलेस) में ऑपरेटर (रील को ऑपरेट करने वाले) का काम करते थे। हालांकि सैटेलाइट व्यवस्था विकसित होने के बाद वे बेरोजगार हो गए थे। पटना में पढ़ने आया सेटिंग करने में जुट गया मोतिहारी में स्कूल की पढ़ाई पूरी होने के बाद संतोष आगे की पढ़ाई के लिए पटना आया। यहां इसकी मुलाकात तब के समय के सबसे बड़े परीक्षा माफिया से हुई। इसके बाद ये उसका शागिर्द बन गया। एक बड़ी गैंग का हिस्सा बना और परीक्षा में क्वेश्चन पेपर लीक कराने लगा। इस बीच माफिया की गिरफ्तारी के बाद इसने पटना से दिल्ली का रुख कर लिया। दो भाई को डॉक्टर बनाया, एक की बैंक में नौकरी संतोष जायसवाल के दूसरे नंबर के भाई डॉ. राजन जायसवाल और चौथे नंबर के भाई डॉ. विनित चंद्रा डॉक्टर हैं। तीसरे नंबर के भाई विकास जायसवाल में बैंक में अधिकारी हैं। गांव में इनके घर के आसपास रहने वाले लोगों की मानें तो भाइयों को पढ़ाने और डॉक्टर बनाने में इसकी अहम भूमिका है। हालांकि, इसके बारे में इसके परिजन भी कुछ भी बताने से बचते हैं। गिरफ्तारी के बाद जब भास्कर ने इनके भाई डॉ. राजन जायसवाल से फोन पर बात कर मामले को समझने की कोशिश की तो उन्होंने कुछ भी बताने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘हमें इस बात की कोई जानकारी नहीं हैं। उन्हें किस मामले में गिरफ्तार किया गया है, हम नहीं जानते।’ गांव में इनके पिता से भी बात करने की कोशिश की गई, उन्होंने भी कुछ भी स्पष्ट बताने से मना कर दिया। दिल्ली में बिजनेस की आड़ में सेटिंग का धंधा मोतिहारी से निकलकर इसने पटना की जगह दिल्ली को अपना बेस बनाया। मोतिहारी में कुछ जमीनें इसके परिवार के नाम से जरूर है, लेकिन इसने यहां कोई बिजनेस सेटअप नहीं किया। सूत्रों की मानें तो दिल्ली में इसका मेडिसीन का बड़ा धंधा है। इसी की आड़ में इसने अपने काले कारोबार का साम्राज्य खड़ा किया। आमदनी का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि दिल्ली के सबसे महंगे इलाके कहे जाने वाले ईस्ट ऑफ कैलाश में इसका बंगला है। इसके अलावा भी उसके नाम कई प्रॉपर्टी हैं। पावर हासिल करने के लिए राजद की सदस्यता ली परीक्षा की सेटिंग और बिजनेस से पैसा कमाने के बाद संतोष जायसवाल अब पावर हासिल करना चाहता था। इसके लिए उनसे सियासत की राह चुनी। 2020 के विधानसभा चुनाव में पहले उसने अपने भाई राजन जायसवाल को अपने गृह विधानसभा ढाका से चुनाव मैदान में उतारा। राजन प्लुरल्स पार्टी से चुनाव लड़ा, लेकिन जमानत तक नहीं बचा पाए। इसके बाद संतोष जायसवाल ने राजद की सदस्यता जॉइन की। पार्टी जॉइन करने के बाद इसे राष्ट्रीय सचिव पद मिला। ढाका से भाई की करारी शिकस्त के बाद इसने बगल के विधानसभा रक्सौल को अपना पॉलिटिकल बेस बनाने की कोशिश की। अपनी पूरी फिल्डिंग सजाई। कोशिश 2025 के विधानसभा चुनाव में टिकट हासिल करने की थी। खूब पैसे खर्च करने के बाद भी नाकाम रहा। चुनाव में रक्सौल का टिकट नहीं मिला। इसके बाद लौटकर दिल्ली पहुंच गया। राजद के राष्ट्रीय दफ्तर में काम संभालने लगा। दिल्ली में राजद को कवर करने वाले पत्रकारों की मानें तो यह राजद दफ्तर में रोज एक बार जरूर पहुंचता था। गिरफ्तारी के बाद पार्टी और परिवार का कोई बयान नहीं NEET मामले में संतोष की गिरफ्तारी के बाद इसकी पार्टी RJD और फैमिली मेंबर्स की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। हमने लगातार इसकी फैमिली से बात करने की कोशिश की। उनका बयान आते ही खबर में अपडेट करेंगे। NEET फर्जीवाड़े में दिल्ली पुलिस ने RJD नेता संतोष जायसवाल को दिल्ली से अरेस्ट किया है। उसकी निशानदेही पर एक होटल से 20 बच्चों को मुक्त कराया गया है। जायसवाल के साथ 3 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। NEET फर्जीवाड़े में जिस संतोष जायसवाल को पुलिस किंगपिन मान रही है वो बिहार के मोतिहारी का रहने वाला है। उसके पिता कभी मोतिहारी के सिनेमाहॉल में ऑपरेटर की नौकरी करते थे। आज संतोष जायसवाल के पास मोतिहारी से लेकर दिल्ली के सबसे पॉश इलाके में से एक ईस्ट ऑफ कैलाश में हवेली है। एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पढ़िए, कैसे पढ़ाई के लिए पटना आया संतोष NEET परीक्षा का सेटर बन गया? कैसे RJD की सियासत में इसने खुद को सेट किया? पहले 1990 की परीक्षा की सेटिंग इंजन और बोगी मॉड्यूल की कहानी मेडिकल परीक्षा का सेटर स्कॉलर्स/सॉल्वर्स को ‘इंजन’ के रूप में और पैसे देने वाले कैंडिडेट्स को ‘बोगी’ के रूप में इस्तेमाल करता था। उम्मीदवारों से एक साथ आवेदन करवाया जाता था ताकि उनके रोल नंबर लगातार क्रम में आएं। वे एक ही परीक्षा हॉल में बैठ सकें। परीक्षा हॉल में ‘इंजन’ (सॉल्वर) अपने पीछे बैठे ‘बोगी’ (कैंडिडेट्स) को जवाब इशारों में या बोलकर बता देता था। परीक्षा से एक रात पहले कैंडिडेट्स को एक होटल के कमरे में बंद कर दिया जाता था। उन्हें उत्तर रटाया जाता था। सेटर के भरोसेमंद साथी अगली सुबह सभी कैंडिडेट्स को परीक्षा केंद्र पर छोड़ देते थे। वह बाद में किसी भी धोखाधड़ी को रोकने के लिए उनके एडमिट कार्ड अपने पास रख लेता था। परीक्षा से पहले पोस्ट-डेटेड चेक और स्टूडेंट्स के सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट को अपने पास रख लेता था। बाद में तय डील के हिसाब से नकद में पूरा पैसा मिलने के बाद सब कुछ लौटा देता था। अब दिल्ली में पकड़े गए NEET के किंगपिन का मॉड्यूल जानिए दिल्ली पुलिस की तरफ से जारी जानकारी के मुताबिक 2 मई को सूरत पुलिस की मदद से NEET पेपर में बड़ी धांधली की इनपुट मिली। दिल्ली पुलिस महिपापलपुर के 100 होटल में रेड मार कर तीन आरोपी को गिरफ्तार किया। यहां से पुलिस को मास्टर माइंड संतोष जायसवाल का पता मिला। संतोष की गिरफ्तारी और निशानदेही पर गाजियाबाद के एक होटल से 20 NEET एस्पिरेंट्स और कई बच्चों के ओरिजिनल डॉक्यूमेंट और ब्लैंक चेक मिले। दिल्ली पुलिस के मुताबिक NEET-2026 की 3 मई को आयोजित होने वाली परीक्षा से एक दिन पहले सभी एस्पिरेंट्स को एक होटल में रखकर कुछ सवाल याद कराए जा रहे थे। ऐसा दावा किया जा रहा था कि यही सवाल NEET की परीक्षा में पूछे जाएंगे। अब कहानी, सेटर से नेता और अब माफिया बने संतोष जायसवाल की पिता सिनेमा हॉल में ऑपरेटर की नौकरी कर चलाते थे घर मोतिहारी के घोड़ासहन प्रखंड के लैन बसवरिया गांव का संतोष जायसवाल 4 भाइयों में सबसे बड़ा है। घर की आर्थिक स्थिति बेहद सामान्य थी। तब पिता सिनेमा हॉल (अमृता पैलेस) में ऑपरेटर (रील को ऑपरेट करने वाले) का काम करते थे। हालांकि सैटेलाइट व्यवस्था विकसित होने के बाद वे बेरोजगार हो गए थे। पटना में पढ़ने आया सेटिंग करने में जुट गया मोतिहारी में स्कूल की पढ़ाई पूरी होने के बाद संतोष आगे की पढ़ाई के लिए पटना आया। यहां इसकी मुलाकात तब के समय के सबसे बड़े परीक्षा माफिया से हुई। इसके बाद ये उसका शागिर्द बन गया। एक बड़ी गैंग का हिस्सा बना और परीक्षा में क्वेश्चन पेपर लीक कराने लगा। इस बीच माफिया की गिरफ्तारी के बाद इसने पटना से दिल्ली का रुख कर लिया। दो भाई को डॉक्टर बनाया, एक की बैंक में नौकरी संतोष जायसवाल के दूसरे नंबर के भाई डॉ. राजन जायसवाल और चौथे नंबर के भाई डॉ. विनित चंद्रा डॉक्टर हैं। तीसरे नंबर के भाई विकास जायसवाल में बैंक में अधिकारी हैं। गांव में इनके घर के आसपास रहने वाले लोगों की मानें तो भाइयों को पढ़ाने और डॉक्टर बनाने में इसकी अहम भूमिका है। हालांकि, इसके बारे में इसके परिजन भी कुछ भी बताने से बचते हैं। गिरफ्तारी के बाद जब भास्कर ने इनके भाई डॉ. राजन जायसवाल से फोन पर बात कर मामले को समझने की कोशिश की तो उन्होंने कुछ भी बताने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘हमें इस बात की कोई जानकारी नहीं हैं। उन्हें किस मामले में गिरफ्तार किया गया है, हम नहीं जानते।’ गांव में इनके पिता से भी बात करने की कोशिश की गई, उन्होंने भी कुछ भी स्पष्ट बताने से मना कर दिया। दिल्ली में बिजनेस की आड़ में सेटिंग का धंधा मोतिहारी से निकलकर इसने पटना की जगह दिल्ली को अपना बेस बनाया। मोतिहारी में कुछ जमीनें इसके परिवार के नाम से जरूर है, लेकिन इसने यहां कोई बिजनेस सेटअप नहीं किया। सूत्रों की मानें तो दिल्ली में इसका मेडिसीन का बड़ा धंधा है। इसी की आड़ में इसने अपने काले कारोबार का साम्राज्य खड़ा किया। आमदनी का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि दिल्ली के सबसे महंगे इलाके कहे जाने वाले ईस्ट ऑफ कैलाश में इसका बंगला है। इसके अलावा भी उसके नाम कई प्रॉपर्टी हैं। पावर हासिल करने के लिए राजद की सदस्यता ली परीक्षा की सेटिंग और बिजनेस से पैसा कमाने के बाद संतोष जायसवाल अब पावर हासिल करना चाहता था। इसके लिए उनसे सियासत की राह चुनी। 2020 के विधानसभा चुनाव में पहले उसने अपने भाई राजन जायसवाल को अपने गृह विधानसभा ढाका से चुनाव मैदान में उतारा। राजन प्लुरल्स पार्टी से चुनाव लड़ा, लेकिन जमानत तक नहीं बचा पाए। इसके बाद संतोष जायसवाल ने राजद की सदस्यता जॉइन की। पार्टी जॉइन करने के बाद इसे राष्ट्रीय सचिव पद मिला। ढाका से भाई की करारी शिकस्त के बाद इसने बगल के विधानसभा रक्सौल को अपना पॉलिटिकल बेस बनाने की कोशिश की। अपनी पूरी फिल्डिंग सजाई। कोशिश 2025 के विधानसभा चुनाव में टिकट हासिल करने की थी। खूब पैसे खर्च करने के बाद भी नाकाम रहा। चुनाव में रक्सौल का टिकट नहीं मिला। इसके बाद लौटकर दिल्ली पहुंच गया। राजद के राष्ट्रीय दफ्तर में काम संभालने लगा। दिल्ली में राजद को कवर करने वाले पत्रकारों की मानें तो यह राजद दफ्तर में रोज एक बार जरूर पहुंचता था। गिरफ्तारी के बाद पार्टी और परिवार का कोई बयान नहीं NEET मामले में संतोष की गिरफ्तारी के बाद इसकी पार्टी RJD और फैमिली मेंबर्स की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। हमने लगातार इसकी फैमिली से बात करने की कोशिश की। उनका बयान आते ही खबर में अपडेट करेंगे।


