सोजत (पाली)। 11 वर्षीय मासूम आरिफ की हत्या तंत्र-मंत्र के लिए की गई थी। हत्यारा युवक 25 वर्षीय शेरू खां मासूम का जानकार था। हत्यारे की शादी नहीं हो रही थी। उसे तांत्रिक ने नरबलि देने को कहा बताया और मदरसे से घर लौट रहे मासूम को जंगल में ले जाकर बलि चढ़ा दी। दिल दहला देने वाली यह वारदात शिवपुरा थाना क्षेत्र के रामासनी सांदवान गांव में हुई। पुलिस ने शुक्रवार को हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया। हत्यारे ने पुलिस पूछताछ में स्वीकारा कि शादी नहीं हो रही थी, इसलिए एक तांत्रिक ने कहा था, नरबलि देगा तो हो जाएगी।
शिवपुरा थानाधिकारी भंवरलाल विश्नोई ने बताया कि कक्षा पांचवीं में अध्ययनरत मासूम आरिफ पुत्र फिरोज का गुरुवार शाम तालाब की पाल के समीप जंगल में शव पड़ा मिला था। उसके पैर बांधे हुए थे और गला रेता हुआ था। तब पुलिस ने बड़े पिता मुस्ताक मोयला मुसलमान की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। हत्यारा कई दिनों से अपने गांव के 11 साल के मासूम की रेकी कर रहा था।
दोपहर को आरिफ मदरसे से अकेला लौट रहा था। तभी उसे बहला-फुसलाकर बाइक पर बैठा लिया और साथ ले गया। पुलिस उपअधीक्षक रतनाराम देवासी ने बताया कि मामले में आरोपी से गहन पूछताछ शुरू कर दी। साथ ही अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं। तांत्रिक का भी पता लगा रहे हैं, जिसने उसे ऐसा करने के लिए उकसाया है।
हत्यारे ने ही दी दादा को सूचना
बालक के दादा घर पर ही था, जहां हत्यारा स्वयं गया। उसी ने बताया कि कोई तुम्हारे पोते को उठाकर ले गया। उसकी हत्या कर फरार हो गया। तब परिजनों के साथ गांव से पांच सौ मीटर दूर तालाब की पाल पर जाकर देखा तो आरिफ का शव पड़ा था। घटना स्थल पर टूटी -फूटी मटकी के साथ टोटके में इस्तेमाल सामान पड़ा दिखा।
छुरे से काटा गला
युवक ने मासूम का गला छुरे से काटा। इससे पहले उसके हाथ-पांव बांध दिए। मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। आरोपी परिवार वालों की नजर में घटनाक्रम से अनजान बन रहा था। बार-बार कहानी बना रहा था। खून लगा होने के कारण उसने कपड़े बदले बताए थे।
बछड़े का गला काट चुका
जानकारी के मुताबिक मासूम की बलि देने वाला हत्यारा पहले एक बछड़े का गला काट चुका। इधर, घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया है। सुबह गांव में स्कूल के बाहर बैठक करके सर्व समाज ने घटना को लेकर विरोध जताया है। आरोपी आदतन अपराधी बताया।


