Home Remedies Safe or Unsafe: भारत में घरेलू नुस्खे (Home Remedies) हर घर का हिस्सा होते हैं। छोटी-मोटी परेशानी हो तो लोग तुरंत दादी-नानी के बताए उपाय अपनाने लगते हैं। लेकिन क्या हर घरेलू नुस्खा सच में सुरक्षित और फायदेमंद होता है? इसका जवाब है नहीं। हैदराबाद के सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट Dr Arrjun Sankaran ने बताया है कि कुछ देसी नुस्खे जहां फायदेमंद हैं, वहीं कुछ आपकी सेहत के लिए खतरनाक भी साबित हो सकते हैं।
ये नुस्खे कर सकते हैं नुकसान
- आंखों में घी डालना
कई लोग आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए घी डालते हैं, लेकिन डॉक्टर के मुताबिक यह बेहद खतरनाक है। इससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है, जैसे स्टैफ ऑरियस और प्सूडोमोनास बैक्टीरिया।
- रात में दही न खाना
यह एक आम मिथक है कि रात में दही खाने से खांसी-जुकाम होता है। डॉक्टर Dr Arrjun Sankaran के अनुसार, दही कभी भी खा सकते हैं, इसमें मौजूद अच्छे बैक्टीरिया (लैक्टोबैसिलस) शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं।
- एलोवेरा का कच्चा सेवन
पूरी एलोवेरा पत्ती खाना सही नहीं है। इसमें मौजूद एलोइन और लेटेक्स जैसे तत्व नुकसान कर सकते हैं। बाजार में मिलने वाले एलोवेरा ड्रिंक ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं।
- अरंडी का तेल (Castor Oil)
कभी-कभी इस्तेमाल ठीक है, लेकिन रोजाना लेने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की कमी और पेट की समस्या हो सकती है।
ये नुस्खे हो सकते हैं फायदेमंद
- तुलसी का पानी
तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-कैंसर गुण होते हैं। इसे सीमित मात्रा में लेना फायदेमंद हो सकता है।
- अदरक-नींबू पानी
अदरक में जिंजरोल और नींबू में विटामिन C होता है, जो इम्युनिटी बढ़ाने और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है।
- हल्दी वाला दूध
यह एक पुराना और असरदार नुस्खा है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन शरीर में सूजन कम करता है और कई बीमारियों से बचाव करता है।
- कच्ची तुलसी की पत्तियां
तुलसी की कच्ची पत्तियां पानी से भी ज्यादा असरदार मानी जाती हैं क्योंकि इसमें प्राकृतिक तत्व ज्यादा सुरक्षित रहते हैं।
- आंवला
आंवला विटामिन C का बेहतरीन स्रोत है और इम्युनिटी से लेकर त्वचा और बालों तक के लिए फायदेमंद है।
आखिर क्या समझें?
डॉक्टर Dr Arrjun Sankaran का कहना है कि हर घरेलू नुस्खा आंख बंद करके अपनाना सही नहीं है। कुछ नुस्खे शरीर को फायदा देते हैं, लेकिन कुछ नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


