हाईकोर्ट ने SRN बवाल मामले में मांगी प्रोग्रेस रिपोर्ट:बार एसो. की PIL पर आदेश, कहा- अब तक की कार्रवाई का विवरण पेश करें

हाईकोर्ट ने SRN बवाल मामले में मांगी प्रोग्रेस रिपोर्ट:बार एसो. की PIL पर आदेश, कहा- अब तक की कार्रवाई का विवरण पेश करें

प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में हुए बवाल प्रकरण का मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया। मामले में दाखिल जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने पुलिस से अब तक की जांच की प्रोग्रेस रिपोर्ट तलब की है। साथ ही केस डायरी तथा अब तक की गई कार्रवाई का पूरा विवरण न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया है। दोपहर दो बजे हुई सुनवाई
बार एसोसिएशन की ओर से यह पीआईएल सोमवार को दाखिल की गई थी। याचिका दाखिल होने के बाद बार की ओर से मामले का विशेष उल्लेख (मेंशनिंग) कर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया गया। इस पर न्यायालय ने दोपहर दो बजे सुनवाई का समय निर्धारित किया। निर्धारित समय पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में अधिवक्ता न्यायालय में उपस्थित रहे, जिसके बाद याचिका पर सुनवाई हुई। जख्मी अधिवक्ताओं का नहीं दर्ज किया बयान
याचिकाकर्ता की ओर से न्यायालय के समक्ष यह प्रश्न उठाया गया कि यदि अधिवक्ता जागृति शुक्ला घटना में घायल हुई थीं, तो उनका बयान जांच के दौरान क्यों दर्ज नहीं किया गया। यह भी कहा गया कि वह घटना की प्रमुख प्रत्यक्षदर्शी और महत्वपूर्ण साक्षी थीं। बार की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि घटना में लगभग एक दर्जन अन्य अधिवक्ता भी घायल हुए थे, किंतु उनमें से किसी का भी बयान दर्ज नहीं किया गया। केवल मुकदमे की वादी रिया खान का ही बयान लिया गया है। ज्यूडिशियल इनक्वायरी की मांग
जांच की निष्पक्षता और अब तक की गई कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए याचिकाकर्ता पक्ष ने मामले की न्यायिक जांच (ज्यूडिशियल इन्क्वायरी) कराए जाने की मांग की। अगली सुनवाई 10 जून को
वहीं, राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अधिवक्ताओं ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इस पर न्यायालय ने पुलिस को अब तक की जांच संबंधी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने कहा कि मामले में अब तक की गई समस्त विवेचना और जांच की स्थिति का विवरण उसके समक्ष रखा जाए। मामले की अगली सुनवाई बुधवार, 10 जून को प्रातः निर्धारित की गई है।

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