Heatwave School Closure: छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते हालात गंभीर होते जा रहे हैं। ऐसे में अब स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है और ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
Heatwave School Closure: भीषण गर्मी से जनजीवन अस्त-व्यस्त
प्रदेश में तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। तापमान लगातार बढ़ने से दिन के समय बाहर निकलना चुनौतीपूर्ण हो गया है। इस भीषण गर्मी का असर न सिर्फ इंसानों पर बल्कि पशु-पक्षियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
बच्चों के स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने बयान जारी कर कहा है कि इस जानलेवा गर्मी में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना उनके स्वास्थ्य के साथ जोखिम उठाने जैसा है। उन्होंने बताया कि स्कूल बस और ऑटो में क्षमता से अधिक बच्चों के बैठने और तेज गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है।
क्लासरूम में बढ़ता तापमान, पढ़ाई पर असर
गर्मी का असर स्कूलों के भीतर भी देखने को मिल रहा है। कक्षाओं में बढ़ते तापमान के कारण बच्चों की एकाग्रता प्रभावित हो रही है, जिससे पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है। वहीं, शिक्षक भी इस भीषण गर्मी में शिक्षण कार्य करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं।
तत्काल ग्रीष्मकालीन अवकाश की मांग
कन्हैया अग्रवाल ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से अपील करते हुए कहा है कि हालात को देखते हुए तत्काल प्रभाव से सभी सरकारी और निजी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया जाए। उनका कहना है कि बच्चों का स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोपरि है और इस पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की अपील
उन्होंने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लिया जाए। यदि समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो इसका बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।


