Heat Headache Treatment: गर्मियों के मौसम में तेज धूप और चिलचिलाती गर्मी से सिर्फ त्वचा ही नहीं झुलसती, बल्कि इसका सीधा असर हमारे दिमाग और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर भी पड़ता है। अक्सर देखा जाता है कि लोग जैसे ही धूप से घर या ऑफिस के अंदर आते हैं, उनके सिर में असहनीय और तेज दर्द होने लगता है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। यह सामान्य सिरदर्द नहीं, बल्कि हीट हेडेक (Heat Headache) हो सकता है।
क्या होता है हीट हेडेक, धूप से आते ही सिर क्यों फटने लगता है और इससे कैसे बचा जाए? इन तमाम सवालों के जवाब न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. शुभम गुप्ता से समझते हैं।
क्या होता है ‘हीट हेडेक’ (Heat Headache)?
हेल्थलाइन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक जब हमारा शरीर अत्यधिक तापमान या तेज धूप के संपर्क में आता है, तो शरीर का आंतरिक तापमान असंतुलित हो जाता है। धूप और उमस के कारण होने वाले इस सिरदर्द को ही मेडिकल भाषा में ‘हीट हेडेक’ कहा जाता है। यह दर्द मुख्य रूप से उन लोगों को ज्यादा परेशान करता है जो माइग्रेन या क्लस्टर हेडेक के मरीज हैं, क्योंकि गर्मी उनके लिए एक बड़े ट्रिगर का काम करती है।
धूप से आते ही क्यों शुरू होता है दर्द?
डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी): डॉ. गुप्ता के अनुसार, तेज धूप में पसीने के जरिए शरीर से पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स (सोडियम, पोटैशियम) तेजी से बाहर निकल जाते हैं। जब शरीर डिहाइड्रेट होता है, तो मस्तिष्क के टिश्यूज (ऊतक) से पानी कम होने लगता है, जिससे ब्रेन में सिकुड़न जैसी स्थिति बनती है और पेन रिसेप्टर्स एक्टिव हो जाते हैं।
रक्त वाहिकाओं का फैलना (Vasodilation): अत्यधिक गर्मी के कारण सिर और चेहरे की ब्लड वेसल्स (रक्त वाहिकाएं) फैल जाती हैं। इन नसों के फैलने से आसपास के नर्व्स पर दबाव पड़ता है, जो धूप से छांव में आते ही तेज पल्सिंग (धड़कने जैसा) दर्द पैदा करता है।
पर्यावरणीय तनाव (Environmental Stress): तेज धूप के कारण आंखों पर पड़ने वाली चकाचौंध (Glare) और शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव भी न्यूरोलॉजिकल सिस्टम को प्रभावित करते हैं, जिससे सिरदर्द ट्रिगर हो जाता है।
हीट हेडेक के प्रमुख लक्षण
- धूप से आते ही सिर के दोनों तरफ या माथे के पीछे तेज और थका देने वाला दर्द।
- सिरदर्द के साथ-साथ चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना या उल्टी (जी मिचलाना)।
- आंखों में भारीपन या जलन महसूस होना।
- अत्यधिक प्यास लगना और त्वचा का गर्म व सूखा हो जाना।
धूप से आने के बाद तुरंत न करें ये गलतियां
आमतौर पर लोग धूप से आते ही कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो इस दर्द को और ज्यादा बढ़ा देती हैं। डॉ. शुभम गुप्ता ने इससे बचने के लिए कुछ बेहद जरूरी टिप्स साझा किए हैं:
तापमान को सामान्य होने दें
धूप से सीधे आते ही तेज एसी (AC) वाले कमरे में न जाएं और न ही तुरंत ठंडा पानी पिएं। अचानक तापमान बदलने (Thermal Shock) से नसें सिकुड़ सकती हैं, जिससे दर्द और बढ़ जाएगा। पहले 5-10 मिनट पंखे की हवा में बैठें।
हाइड्रेशन है सबसे जरूरी
शरीर का तापमान सामान्य होने पर मटके का पानी, ओआरएस (ORS), नींबू पानी या नारियल पानी पिएं। सादे पानी की जगह इलेक्ट्रोलाइट युक्त लिक्विड बॉडी को जल्दी रिकवर करता है।
कोल्ड कंप्रेस का इस्तेमाल
यदि सिर में तेज टीस उठ रही है, तो एक साफ कपड़े में बर्फ के टुकड़े लपेटकर (Ice Pack) अपने माथे, कनपटी या गर्दन के पिछले हिस्से पर सिकाई करें। इससे फैली हुई रक्त वाहिकाएं वापस सामान्य होंगी।
आंखों और सिर को आराम दें
धूप से आने के बाद थोड़ी देर के लिए किसी शांत और अंधेरे कमरे में लेट जाएं। स्मार्टफोन, टीवी या लैपटॉप की स्क्रीन से पूरी तरह दूरी बना लें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


