HCL, TCS और Infosys… 10% तक टूट गए IT कंपनियों के शेयर, क्या है इस भारी बिकवाली के पीछे वजह?

HCL, TCS और Infosys… 10% तक टूट गए IT कंपनियों के शेयर, क्या है इस भारी बिकवाली के पीछे वजह?

Why IT Shares Fall Today: बुधवार सुबह शेयर बाजार खुलते ही IT सेक्टर में मानो भूकंप आ गया। देखते ही देखते पूरा IT इंडेक्स धड़ाम हो गया। कुछ ही घंटों में निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा हो गए। एक दिन पहले HCL Technologies के मार्च तिमाही के नतीजे जारी हुए थे। आज कंपनी के शेयर करीब 10 फीसदी टूट गए। यह कंपनी के लिए पिछले ग्यारह वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट है। Nifty IT इंडेक्स 3.35% टूटकर 30,665 पर आ गया। Infosys, TCS और Tech Mahindra भी 2 से 3% तक फिसले। इंडेक्स का एक भी शेयर हरे निशान में नहीं था। सब लाल थे।

HCL के शेयर में क्यों आई जबरदस्त गिरावट

कंपनी के नतीजे बाजार की उम्मीदों से काफी नीचे रहे। रेवेन्यू 3.3% गिरकर 3,682 मिलियन डॉलर रह गया। जबकि बाजार को उम्मीद थी कि गिरावट सिर्फ 1.6% रहेगी। मुनाफे का मार्जिन भी 16.5% पर आ गया। यह भी उम्मीद से डेढ़ फीसदी कम है। कंपनी के CEO सी विजयकुमार ने कहा कि कमजोर “डिस्क्रिशनरी डिमांड” की वजह से यह हाल हुआ। सरल भाषा में कहें तो जो खर्चे जरूरी नहीं थे, क्लाइंट्स ने वो रोक दिए।

TCV यानी नए कॉन्ट्रैक्ट्स की वैल्यू भी 1.9 बिलियन डॉलर रही, जो पिछले साल के मुकाबले 35% कम है। और FY27 के लिए जो ग्रोथ गाइडेंस दी गई है- 1.5 से 4.5%, यह भी बाजार को निराश कर गई।

पूरी इंडस्ट्री के लिए चिंता की बात

यहां एक जरूरी बात समझनी होगी। Goldman Sachs की एक रिपोर्ट कहती है कि यह कोई HCL की अकेली समस्या नहीं है। पूरे IT सेक्टर में डिस्क्रिशनरी खर्चों पर ब्रेक लगी हुई है। इस महीने की शुरुआत में TCS ने डॉलर टर्म में अपनी पहली सालाना रेवेन्यू गिरावट दर्ज की। Wipro के नतीजे भी उम्मीद से कमजोर रहे और कंपनी ने जियोपॉलिटिकल उठापटक और क्लाइंट-स्पेसिफिक दिक्कतों का हवाला दिया।

कई मोर्चों पर हैं IT सेक्टर के लिए मुश्किलें

पिछले एक साल से यह सेक्टर कई मुश्किलों से एक साथ लड़ रहा है। अमेरिका के टैरिफ, H-1B वीजा फीस में बढ़ोतरी, दुनियाभर में राजनीतिक अस्थिरता और सबसे बड़ा डर AI है। AI जो एक तरफ IT कंपनियों का भविष्य है, वही दूसरी तरफ उनकी नींव हिला रहा है। सवाल यह है कि जो काम पहले सैकड़ों इंजीनियर करते थे, वो अगर AI करने लगे, तो कंपनियों का रेवेन्यू मॉडल कैसे बचेगा?

NSE

क्या निवेशक IT से दूर रहें?

Religare Broking के Ajit Mishra ने कहा है कि फिलहाल IT सेक्टर कमजोर है। उनका कहना है, “जब तक यह साफ नहीं हो जाता कि AI का योगदान कंपनियों के कुल रेवेन्यू में कितना और कैसे होगा, तब तक तस्वीर धुंधली ही रहेगी।” उन्होंने सलाह दी कि जब बाजार में और भी सेक्टर अच्छा कर रहे हैं, तो IT में अटके रहने का कोई मतलब नहीं है।

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