Harbhajan Singh BJP: राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। आम आदमी पार्टी (AAP) को अब तक का सबसे तगड़ा झटका लगा है। पार्टी के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने ‘आप’ को अलविदा कहकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। बड़ी बात यह है कि चड्ढा अकेले नहीं गए हैं, उनके साथ हरभजन सिंह समेत पार्टी के दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों ने भी बीजेपी जॉइन कर ली है। इन सांसदों में स्वाति मालिवाल, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, रजिंदर गुप्ता और विक्रम साहनी जैसे बड़े नाम शामिल हैं। अरविंद केजरीवाल के लिए इसे एक बड़ी राजनीतिक हार माना जा रहा है।
राघव चड्ढा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘मैंने अपनी जिंदगी के 15 साल इस पार्टी को दिए, लेकिन अब यह पार्टी उस ईमानदार राजनीति से दूर हो गई है जिसके लिए इसे बनाया गया था। मैं एक गलत पार्टी में सही इंसान था, इसलिए अब जनता के करीब जाने के लिए बीजेपी में शामिल हो रहा हूं।’
हरभजन का सफर पॉलिटिक्स में
पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने मार्च 2022 में आम आदमी पार्टी के जरिए राजनीति में एंट्री की थी। पंजाब से वे राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए थे और जुलाई 2022 में उन्होंने सांसद के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने राजनीति में कदम रखा था 2021 के अंत में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने के बाद, AAP ने उन्हें पंजाब से अपना उम्मीदवार बनाया था। राज्यसभा में वे पंजाब का प्रतिनिधित्व करते रहे और उनका मुख्य फोकस खेल विकास और जन कल्याणकारी योजनाओं पर रहा। हरभजन ने हमेशा राजनीति को सीखने का अनुभव बताया और खेल के बाद जनसेवा को अपना लक्ष्य बनाया।
मैदान के टर्बनेटर का करियर
क्रिकेट की दुनिया में हरभजन सिंह को ‘द टर्बनेटर’ के नाम से जाना जाता है। वे 1998 से 2016 तक भारतीय टीम के रीढ़ रहे और 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के अहम सदस्य थे। उन्होंने 103 टेस्ट मैचों में 417 विकेट लिए। 2001 की ऑस्ट्रेलिया सीरीज में उन्होंने भारत के लिए पहली टेस्ट हैट्रिक लेकर इतिहास रचा था। टेस्ट में 417, वनडे में 269 और टी20 में 25 विकेट उनके नाम दर्ज हैं।
IPL में बिखेरा अपना जलवा
हरभजन मुंबई इंडियंस (MI) के स्टार रहे और उनके साथ तीन खिताब जीते। इसके बाद चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ 2018 में एक और खिताब जीता। उन्होंने 163 IPL मैचों में 150 विकेट लिए। हरभजन सिंह एक महान ऑफ-स्पिनर होने के साथ निचले क्रम के एक उपयोगी बल्लेबाज भी रहे, जिनके नाम टेस्ट क्रिकेट में दो शतक भी दर्ज हैं। मुथैया मुरलीधरन के बाद वे दुनिया के दूसरे सबसे सफल ऑफ-स्पिनर माने जाते हैं।


